देवरिया। सखनी न्यू पीएचसी के चिकित्सक डॉ. खालिद की हत्या के दो दिन बाद बुधवार को पुलिस ने बिहार से एक आरोपी राम इकबाल राय को धर दबोचा। उधर अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिहार से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ तक पुलिस की टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। चूंकि डॉ. खालिद के परिवार के लोग सपा से जुड़े हैं, इसलिए राजनीतिक दबाव भी इस मामले में कुछ ज्यादा ही है।
सूत्रों की मानें तो डॉ. खालिद की हत्या में नामजद तहरीर दे देने से पुलिस के लिए केस खोलना आसान हो गया है। हालांकि पुलिस नामजद आरोपियों के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी काम कर रही है। ताकि असली मुलजिम ही सलाखों के पीछे जाएं। यही वजह है कि एसपी राकेश शंकर अपराधियों को पकड़ने के लिए लगाई गई तीन टीमों के अलावा कुछ चुनिंदा थानेदारों से भी इस केस की छानबीन करा रहे हैं। क्राइम ब्रांच से लगायत पुलिस की तीन टीमें जहां आरोपियों की धर-पकड़ के लिए दबिश दे रही है, वहीं कुछ पुलिसकर्मी सादे वेश में हत्या की असली वजह तलाशने में लगे हैं। सीओ सिटी संदीप सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें जिले के अलावा राजधानी लखनऊ, मऊ, कुशीनगर और बिहार के कुछ जगहों पर दबिश दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी राम इकबाल राय के हाथ लगने के बाद पुलिस सुकून महसूस कर रही है। सूत्र बताते हैं कि राम इकबाल राय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछा दिया था। उनके रिश्तेदारों पर शिकंजा भी कसा था ताकि वह हत्थे चढ़ जाए। अंतत: पुलिस अपने प्लान में कामयाब हुई और बिहार से उसे पकड़ लिया गया।