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हत्यारोपियों की गिरफ्तारी में छापा, नहीं मिली सफलता

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यूपी पुलिस - फोटो : pti
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देवरिया। व्यापारी योगेश जायसवाल के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए बनी पुलिस टीम 48 घंटे बाद भी खाक छान रही है। कई जगह छापामारी के बाद भी कोई सफलता नहीं मिल सकी है। हालांकि बेहद करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पुलिस की टीमें बड़हलगंज इलाके में जमी है। मुख्य आरोपी के इसी क्षेत्र में होने का अंदेशा है।
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गौरीबाजार के इंदूपुर गांव निवासी बदमाश विवेक सिंह और उसके एक साथी ने 50 हजार रुपये रंगदारी नहीं देने पर मठियामाफी गांव के युवा व्यापारी योगेश जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। घटना के बाद बदमाश रुद्रपुर की तरफ भागे थे। एसपी किरीट राठोड ने एएसपी शिष्यपाल के पर्यवेक्षण और सीओ रुद्रपुर अंबिका के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रुद्रपुर, स्पेशल टीम, सर्विलांस टीम और गौरीबाजार पुलिस को बदमाशों की गिरफ्तारी के कार्य में लगाया। घटना के बाद ही आरोपियों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इससे उनका सही लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों ने बताया कि बदमाश विवेक सिंह और उसके साथी के बड़हलगंज इलाके में कहीं छिपेे होने की सूचना है। टीम गौरीबाजार, रुद्रपुर, एकौना और गोरखपुर के बड़हलगंज इलाके में कैंप कर रही है। वहीं हत्यारोपी विवेक सिंह के दो शरणदाताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि इस बात से पुलिस इन्कार कर रही है, लेकिन बताया जा रहा है कि विवेक सिंह और उसके साथी पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया है।

दूसरे हत्यारोपी की हुई पहचान
व्यापारी योगेश की हत्या में शामिल दूसरे आरोपी की पहचान पुलिस ने कर ली है, लेकिन अभी खुलकर नहीं बता रही है। हत्या में शामिल विवेक का साथी क्षेत्र के ही पननहा गांव का रहने वाला है। जल्द ही उस पर इनाम घोषित होगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्यारोपी और उसका साथी बुलेट से चलते थे और इलाके में खौफ बनाते थे। विवेक के साथ रंगदारी मांगने के मामले में वह शामिल रहता था। इससे पहले दोनों इलाके के कई व्यापारियों से रंगदारी ले चुके थे। डर की वजह से कोई पुलिस से शिकायत नहीं करता था। योगेश ने केस दर्ज कराया तो विवेक साथी संग मिलकर घटना को अंजाम दे दिया।
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विवेक का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
देवरिया। व्यापारी योगेश जायसवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है। पड़ोसी जिले कुशीनगर से भी उससे संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि पिछले साल 11 अप्रैल को विवेक सिंह, चंद्रमोहन और पवन यादव रामपुर कारखाना कस्बे में मोबाइल की दुकान में गाना भराने गए थे। वहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवेक और उसके साथियों ने दुकानदार रामनगीना राजभर को चाकू मार दिया। रामपुर कारखाना पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया और तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से वह जमानत पर रिहा होकर आया था। इस मुकदमे में उसने अपने पिता का नाम अशोक सिंह दर्ज कराया है। अन्य किसी थाने में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। कुशीनगर में उसके अपराध करने की जानकारी पर पुलिस ने वहां के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी मांगी। देर शाम तक वहां से विवेक सिंह के आपराधिक इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी।

विवेचना में लापरवाही, सीजेएम का एनबीडब्ल्यू देने से इन्कार
देवरिया। गौरीबाजार के मठिया माफी गांव के व्यवसायी की हत्या के मामले की विवेचना में लापरवाही सामने आने पर सीजेएम ने प्रभारी थानेदार को एनबीडब्ल्यू देने से इन्कार कर दिया। केस डायरी अधूरी मिली थी। व्यवसायी हत्याकांड में गौरीबाजार के प्रभारी थानेदार अवधेश मिश्र ने सोमवार को सीजेएम न्यायालय में आरोपी विवेक सिंह और उसके साथी मन्नू के खिलाफ गिरफ्तारी व कुर्की के लिए प्रार्थना-पत्र दिया। इस पर न्यायालय ने समस्त केस डायरी तलब की, लेकिन प्रभारी थानेदार इसे प्रस्तुत नहीं कर पाए। इससे नाराज सीजेएम ने कुर्की तो दूर गिरफ्तारी वारंट भी देने से इन्कार कर दिया।
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