आरोपी जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू
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देवरिया। दीपक मणि अपहरण कांड में फरार जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को एक और झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी शुक्रवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी। पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने की शिकायत को भी कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया है। पुलिस की ओर से दायर करीब 200 पन्ने की केस डायरी का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने अध्यक्ष की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अध्यक्ष खेमे में मायूसी छा गई है। वहीं, पुलिस अपना शिकंजा कसना तेज कर दी है।
दीपक मणि का अपहरण कर करोड़ों की प्रापर्टी बैनामा कराने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष पुलिस की पहुंच से दूर है। हाईकोर्ट में पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने और अग्रिम जमानत के लिए दो प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट संख्या 54 में इसकी सुनवाई न्यायमूर्ति विपिन कुमार सिन्हा और महबूब अली ने किया। एक घंटे चली जिरह में न्यायालय में जिला पंचायत अध्यक्ष की दोनों प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। पुलिस की ओर से 200 पन्ने में अध्यक्ष की केस डायरी प्रस्तुत की है। अपराध को देखते हुए कोर्ट ने अध्यक्ष की तत्काल गिरफ्तारी का आदेश दिया है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की और मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस इसकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। लेकिन अध्यक्ष पकड़ में अभी तक नहीं आ सका। एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि हाईकोर्ट में एक घंटे सुनवाई के बाद अध्यक्ष का प्रार्थना पत्र खारिज हो गया। कोर्ट ने अविलंब गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
नहीं पहुंचे बैनामेदार, आठ को पड़ी अगली तारीख
दीपक के अपहरण के बाद मामला गरमाया तो एआईजी स्टांप ने मामला दर्ज कर लिया। डीएम सुजीत कुमार के निर्देश के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व के कोर्ट में चला गया। दस करोड़ से अधिक की जमीन में मात्र 10.50 लाख का स्टांप लगा था। 68.57 लाख का स्टांप बाद में लगाने की बात बैनामे की पत्रावली में लिखी गई थी। इस मुकदमे में 25 मई को एडीएम कोर्ट में तारीख थी। इसके पूर्व जमीन का बैनामेदार अध्यक्ष रामप्रवेश यादव, इसकी मां मेवाती देवी, भाई अमित यादव मंटू और मधु के नाम तामिला नोटिस तहसीलदार के माध्यम से भेजा गया था। लेकिन तारीक पर कोई जवाब नहीं आया। अगली तारीख आठ जून की तय है।
विचार विमर्श के लिए डीएम ने 56 सदस्यों को जारी किया नोटिस
देवरिया। जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के फरार होने के बाद से अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। इसके बचाव के लिए लगातार अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्यों से फोन पर संपर्क में हैं। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस मिलने के बाद डीएम ने 12 मई को जिला पंचायत सदस्यों की बैठक जिला पंचायत सभागार में बुलाई है। शुक्रवार को डीएम ने 56 सदस्यों को विचार विमर्श के लिए नोटिस जारी कर दिया।जिले का प्रथम नागरिक होने के बावजूद कुर्सी दागार करने वाला जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जिला पंचायत सदस्यों का एक खेमा मोर्चा खोल दिया है। 30 जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम के सामने हस्ताक्षर कर अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया। फरार होने के बावजूद कुर्सी को बचाने के लिए मोबाइल से सदस्यों से लगातार संपर्क कर रहा है। इसकी वजह से पहले दिन 34 सदस्यों के हस्ताक्षर सहित डीएम को नोटिस दिया गया। जब सामने हस्ताक्षर करने की बात आई तो सिर्फ 30 सदस्य पहुंचे। एक महिला सदस्य ने आने में असमर्थता जताई। विचार विमर्श के लिए दिन में 11 बजे जिला पंचायत सदस्यों को बुलाया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया गया है। 12 को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक की जाएगी।