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फिर बालिका गृह पहुंची एसआईटी, दोबारा तोड़ी सील

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रेलवे स्टेशन रोड स्थित बाल गृह बालिका कार्यालय जांच पडताल के लिए मोहन त्रिपाठी को लेकर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी के हाथ अहम सुराग लगे हैं। सोमवार की रात पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर मंगलवार को एसआईटी फिर स्टेशन रोड स्थित बालगृह भवन पहुंची। अधिकारी सील तोड़कर दोबारा अंदर दाखिल हुए। उनके साथ गिरिजा का पति मोहन त्रिपाठी भी था। करीब एक घंटे तक टीम छानबीन में जुटी रही। मोहन की निशानदेही पर कई दस्तावेज टीम के हाथ लगे। इससे पहले टीम ने रजला स्थित वृद्धाश्रम में भी छानबीन की थी। कोतवाली परिसर में भी मोहन त्रिपाठी से घंटों पूछताछ हुई।
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स्टेशन रोड पर आर्य समाज ट्रस्ट के 80 वर्ष पुराने भवन में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से बालगृह बालिका का संचालन किया जा रहा था। पांच अगस्त को छापामारी के बाद प्रशासन ने इस भवन को सील कर दिया था। संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी व अधीक्षिका कंचनलता त्रिपाठी को रिमांड पर लेने के बाद सोमवार को इस भवन का सील तोड़कर एसआईटी अंदर दाखिल हुई थी। उनके साथ मौजूद फॉरेंसिक टीम ने अलग-अलग कमरों में जाकर साक्ष्य जुटाए। कंप्यूटर में मौजूद डाटा, पेन ड्राइव को कब्जे में लिया। करीब छह घंटे की जांच के बाद देर शाम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भवन को सील कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस लाइन में देर रात तक तीनों से अलग-अलग पूछताछ की गई।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान टीम को भवन में कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की जानकारी मिली। लिहाजा टीम मंगलवार दोपहर करीब सवा एक बजे दोबारा बालगृह बालिका भवन पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील को दोबारा तोड़कर टीम अंदर घुसी। इस बार उनके साथ मोहन त्रिपाठी भी था। मोहन की निशानदेही पर टीम ने कई कागजात बरामद किए। दस्तावेजों को बंद लिफाफे में लेकर टीम लौट गई। बताते हैं कि इससे पहले टीम रजला स्थित संस्था के वृद्धाश्रम भी पहुंची थी। वहां भी कई साक्ष्य जुटाए गए। जांच के दौरान सीओ शितांशु यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, कोतवाली प्रभारी राजबीर सिंह यादव, एसटीएफ के जवान भी मौजूद रहे।
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