देवरिया। किशोर को अगवा कर पेड़ में बांधकर पिटाई करने वाले दो युवकों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शेष तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बजाजी रोड रौनियारी मोहल्ला के रहने वाले शमशाद अहमद को बुधवार की दोपहर तहसील गेट से बाइक सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया। बाइक सवार युवक उसे लेकर सकरापार नहर के पास गए। वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों के साथ मिलकर शमशाद को पेड़ में बांध दिया गया। सभी ने मिलकर उसकी पिटाई की और वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। एक आरोपी ने उसे पिस्टल भी सटा दिया था। गंभीर रूप से घायल शमशाद किसी तरह रामगुलाम टोले में दोस्त के घर पहुंचा। सूचना के बाद परिवार के लोग पहुंचे और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शमशाद ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अबूबकरनगर के नासिर अंसारी, सकरापार के विकास यादव, रामनाथ देवरिया के आकाश प्रताप सिंह, भीखमपुर रोड के क्रांति और परमानंद पाठक, कसया रोड के गौतम और चार अज्ञात के खिलाफ डकैती समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने नासिर अंसारी को बृहस्पतिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। जानकारी होने पर एसपी रोहन पी कनय बृहस्पतिवार की शाम को खुद कोतवाली पहुंचे। उन्होंने सदर कोतवाल, बघौचघाट के एसओ विनय सिंह और स्वाट टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया। रात में दबिश के दौरान परमानंद पाठक समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को नासिर अंसारी और परमानंद पाठक को जेल भेज दिया गया। शेष गिरफ्तार लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। सदर कोतवाल सत्येंद्र पांडेय का कहना है कि मामले के 10 आरोपियों में से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को दो को जेल भेजा गया। पांच से पूछताछ की जा रही है। तीन लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
शरणदाताओं के घर दबिश
बृहस्पतिवार की रात को पुलिस ने घटना के आरोपियों के शरणदाताओं के घर दबिश दी। राघवनगर के साथ ही कई अन्य मोहल्लों में पुलिस की दबिश से खलबली मच गई। तमाम बदमाशों ने पुलिस की कार्रवाई के डर से शहर छोड़ दिया है।
फेसबुक के कवर पर लगाया है दाउद का फोटो
शमशाद को बंधक बनाकर पिटाई करने का आरोपी विकास यादव माफिया डॉन दाउद अंसारी को अपना आदर्श मानता है। इसीलिए उसने फेसबुक के कवर पर दाउद का फोटो लगाया है। इसके साथ ही उसने खुद को देवरिया का सबसे बड़ा बदमाश गैंग घोषित किया है। नाम ही काफी है जैसे तमाम स्लोगन उसने अपडेट किया है। पुलिस यदि सही तरीके से जांच कर दे तो इससे जुड़े तमाम लोग कार्रवाई की जद में आएंगे।