विस्फोट प्रकरण : हादसे के बाद जागे पुलिस और अफसर
रिफिलिंग माफिया के खिलाफ चला डंडा
- नगर कोतवाली पुलिस ने बाजार में रिफिलिंग के कारोबार का किया खुलासा
- एक दुकान से पांच घरेलू व 77 छोटे सिलिंडर किए बरामद, आरोपी पिता-पुत्र फरार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार पर अंकुश लगाने की सुध पुलिस को हादसे के बाद आ गई है। बृहस्पतिवार को हादसे के बाद देर रात तक अवैध रिफिलिंग माफिया के खिलाफ पुलिस ने शहरभर में अभियान चलाया। इस दौरान लाल तालाब बाजार स्थित एक दुकान पर खुलेआम रिफिलिंग के कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने कई सिलिंडर व अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।
बता दें कि नगर के रेलवे रोड स्थित एक मकान में अवैध रूप से चल रहे गैस गोदाम में हुए भीषण हादसे के बाद जिला पुलिस की नींद टूटी है। नगर के मुख्य बाजारों व गली मोहल्लों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम किया जा रहा है, लेकिन हादसे के बाद पुलिस ने अवैध रिफलिंग का काम करने वाले माफिया के खिलाफ अभियान चलाया। एसआई ब्रजमोहन सिंह ने लाल तालाब क्षेत्र में अभियान चलाया। जहां उन्होंने गांधी चौकी स्थित बाजार में अनिल शिकारपुरिया व उनके पुत्र नितिन की दुकान पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से पांच सिलिंडर घरेलू गैस, ढाई व पांच किलो के 77 छोटे सिलिंडर बरामद किए। बकौल पुलिस आरोपी दुकान पर ही अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम करते थे। पुलिस आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। दोनों आरोपी अभी पुलिस के चंगुल से दूर हैं।
एफआईआर हुई दर्ज, आरोपी चंगुल से दूर
- आग लगने से हुए सिलिंडर विस्फोट के कारणों का पता लगाने में भी पुलिस फेल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड पर बृहस्पतिवार दोपहर को एक घर में बने अवैध गैस गोदाम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से सिलिंडरों में विस्फोट हो गया था। मामले मे उपनिरीक्षक की तहरीर पर नगर पुलिस ने मकान मालिक, आरोपी हॉकर व उसका साथ देने वाले गैस एजेंसी के मालिक व मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
मामले में एसआई देवेंद्र सिंह ने दी तहरीर में मकान मालकिन प्रवेश, हॉकर राकेश व शिव शक्ति गैस एजेंसी के संचालक और मैनेजर के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त हुए 25 कॉमर्शियल सिलिंडर, क्षतिग्रस्त हुए 12 घरेलू सिलिंडर व पांच सिलिंडर फटे हुए बरामद किए हैं। नगर कोतवाल धनंजय मिश्र ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही आग लगने के कारणों का पता लगा लिया जाएगा। जल्द ही सभी आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
सिलिंडरों का अवैध रूप से किया था भंडारण
नगर के रेलवे रोड स्थित प्रवेश देवी के मकान मे शिव शक्ति गैस एजेंसी पर हॉकर का काम करने वाला राकेश किराए पर रहता था। राकेश ने मकान के निचले हिस्से के एक तरफ सिलिंडरों का अवैध रूप से भंडारण कर रखा था। जहां वह गैस एजेंसी संचालक व मैनेजर के सहयोग से अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम करता था। बृहस्पतिवार दोपहर को अवैध गोदाम में अचानक आग लग गई, जिससे एक के बाद एक कर कई सिलिंडरों में विस्फोट हो गया।
डीएम ने दिए जांच के आदेश, दो अफसरों की टीम करेगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर के रेलवे रोड पर गैस सिलिंडर विस्फोट के मामले में डीएम डॉ. रोशन जैकब ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को इस प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धारों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाने के भी आदेश जारी कर दिए हैं।
डीएम ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कहा कि आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य करने से यह घटना घटित हुई है, जिसके कारण व्यापक स्तर पर जनजीवन संकट में पड़ गया है। सिलिंडरों में विस्फोट एवं आगजनी से एक मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गया है। मकान स्वामी प्रवेश देवी ने राकेश को किराए पर मकान दिया हुआ है। डीएम ने दोनों अधिकारियों से कहा है कि इस घटना की जांच करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
हादसे के बाद नींद से जागे आपूर्ति विभाग के अफसर
- रिफिलिंग पर कार्रवाई के लिए आनन-फानन में बनाई टीम
- देर रात्रि दो स्थानों पर मारे छापे, कुछ नहीं लगा हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर के रेलवे रोड पर बृहस्पतिवार को गैस सिलेंडर विस्फोट हादसे के बाद आपूर्ति विभाग के अफसर नींद से जागे। आनन-फानन में अवैध रूप से रिफिलिंग पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई। देर रात्रि दो स्थानों पर छापे मारे, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
बृहस्पतिवार को रेलवे रोड पर हुए गैस सिलिंडर विस्फोट की सूचना मिलते ही विभागीय अफसर और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि यह पूरा मामला आपूर्ति विभाग से जुड़ा हुआ था और कार्रवाई न करने का नतीजा रहा कि बड़ा हादसा होने से टल गया। अपनी साख बचाने के लिए आनन-फानन में विभागीय अफसरों ने एक टीम का गठन कर रिफिलिंग करने वालों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई। इस टीम ने गुपचुप तरीके से नगर के मंडी क्षेत्र और रोडवेज बस अड्डा क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। मगर, टीम को कुछ हाथ नहीं लगा और मायूस लौटना पड़ा। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी और रिफिलिंग के धंधे से जुड़े लोगों पर कार्रवाई के लिए विभाग की टीम ने कसर कस ली है। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया है कि यदि किसी क्षेत्र में इस तरह का धंधा हो रहा है तो उसकी जानकारी विभाग को दें। जानकारी देने वाला का नाम व पता गुप्त रखा जाएगा।