देवरिया। सदर कोतवाली के सकरापार गांव निवासी पुजारी मोती यादव की हत्या का राज गहराता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पुजारी की हत्या रात में 12 से एक बजे के बीच हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवधि में राहुल उर्फ पिंटू को गांव के मुहर्रम जुलूस में देखा गया था। भोर में भी वह चार बजे के करीब गांव के एक व्यक्ति के घर पर ईंट-पत्थर फेंक रहा था। ऐसे में सवाल है कि जब राहुल मुहर्रम के जुलूस या अन्य स्थानों पर था तो हत्या किसने की..? बहरहाल, पुलिस मामले की पूरी छानबीन के बाद ही कुछ बोलने की बात कह रही है।
पुजारी मोती यादव की रविवार रात हत्या कर दी गई थी। प्रतिशोध में सोमवार सुबह पुजारी के परिजनों ने मंदिर के पास सो रहे गांव के ही राहुल पटेल उर्फ पिंटू (25) की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। राहुल की हत्या में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो पुजारी की हत्या रात 12 से एक बजे के बीच हुई। गांववालों का कहना है कि पुजारी की हत्या का बदला लेने के लिए जिस राहुल को मार डाला गया, वह रात में मुहर्रम के जुलूस में शामिल था। इसके बाद गांव के पश्चिम तरफ एक लकड़ी दुकान पर भी उसे भोर तक देखा गया। इसके बाद वह गांव में गया और एक व्यक्ति के घर पर ईंट-पत्थर चलाने लगा। वहां से मंदिर के पास बने अपने टीनशेड में गया। उसी समय पुजारी के परिवार के लोगों ने उसे मारने के लिए दौड़ा लिया। जान बचाकर वह भागा, लेकिन करीब 500 मीटर दूर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस अब मोती यादव के असली हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश में है। गांव के लोग दबी जुबान से कह रहे हैं कि पुजारी का किसी से कोई विवाद नहीं था तो दूसरा कोई उनकी हत्या क्यों करेगा। मामला कुछ और है, जिसे दूसरा रूप देने की कोशिश की जा रही है। बहरहाल, सदर कोतवाल विजय नारायण का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए मुखबिर लगाए गए हैं। जल्द ही असली हत्यारों को बेनकाब किया जाएगा।
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सरयू तट पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार
देवरिया। पुजारी मोती यादव और राहुल उर्फ पिंटू का शव पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को परिवारवालों को सौंप दिया गया। दोनों परिवार और गांव के लोगों ने बरहज के सरयू तट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
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पुजारी की दोनों बेटियां नहीं आईं
देवरिया। पुजारी मोती यादव की हत्या की जानकारी होने के बाद भी उनकी दो बड़ी बेटियां नहीं आईं। गांववालों का कहना है कि संपत्ति को लेकर मोती की बेटियों में विवाद चल रहा है। तीसरे नंबर की बेटी सीमा को ही पुजारी ने अपनी संपत्ति दे दी थी। इससे दोनों बड़ी बेटियां नाराज थीं। वे भी अपना हिस्सा मांग रही थीं। विवाद को देखते हुए आठ महीने पहले मोती ने अपना तीन कट्ठा खेत बेचकर दोनों को एक-एक लाख रुपये दिए थे। सबसे छोटी बेटी की पुत्री की शादी के लिए भी मोती ने रकम बचाकर रखी थी।
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सकरापार में नहीं हैं सीमा की तीनों बेटियां
देवरिया। पुजारी की हत्या के बाद मायके में रह रही उनकी बेटी सीमा की तीन बेटियां अब यहां नहीं हैं। गांववालों ने बताया कि सोमवार की रात में ही उसने तीनों बेटियों को अपने ससुराल पहुंचवा दिया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सीमा ने उनको ससुराल ही भिजवाया है।