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पति, पुत्र, ननद समेत आठ पर हत्या का मुकदमा

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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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भाटपाररानी। खामपार थानाक्षेत्र के ग्राम बरईपार पांडेय में आंगनबाड़ी सहायिका कमलेश पांडेय की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने पति, छोटे बेटे, ननद समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हत्या, साक्ष्य छिपाने, षडयंत्र रचने सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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महिला के भाई अशोक पांडेय ने घरवालों पर ही हत्या का आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर गुरुवार की देर रात पुलिस ने पति विजय पांडेय, पुत्र नीलमणि उर्फ शालू पांडेय, ननद मीरा, पूनम मिश्र, हैप्पी तिवारी, मुन्ना तिवारी, अखिलेश मिश्र, हरेंद्र तिवारी पर हत्या, साक्ष्य छिपाने, आपराधिक साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। थाना अध्यक्ष भीष्मपाल सिंह यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार महिला की गला रेतकर हत्या की गई थी। वांछित सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की अब तक की छानबीन में कई अहम जानकारियां मिली हैं। कमलेश का अपने पति विजय पांडेय से पिछले 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। उसके दोनों बेटे शेषमणि व नीलमणि और बेटी पिता के साथ लखनऊ में रहते हैं। कमलेश गांव में ही घर के बगल में टीनशेड डालकर रहती थी। हत्या के एक दिन पूर्व उसका भांजे से मारपीट भी हुई थी।

ग्रामीणों ने रोका शव, किया प्रदर्शन
भाटपाररानी। खामपार थानाक्षेत्र के बरईपार पांडेय गांव में आंगनबाड़ी सहायिका कमलेश पांडेय की हत्या से क्षुब्ध ग्रामीणों ने गुरुवार की रात अंतिम संस्कार रोक दिया। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। किसी तरह पुलिस ने मान-मनौव्वल कर उन्हें शांत किया। तब जाकर देर रात शव का अंतिम संस्कार हो सका। बरईपार पांडेय गांव निवासी आंगनबाड़ी सहायिका कमलेश पांडेय (55) मंगलवार की रात लापता हो गई थी। छोटे बेटे नीलमणि की सूचना पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज छानबीन शुरू की थी। अगले ही दिन महिला का शव केरवनिया घाट पर बरामद हुआ। गला रेतकर हत्या के बाद शव को फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार की शव गांव पहुंचते ही ग्रामीण उग्र हो गए। शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि महिला नेक इंसान थीं। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी मांग करते हुए दाह संस्कार से इन्कार कर दिया। मामला बिगड़ता देख खामपार, भाटपार, बनकटा, भटनी व लार सहित पांच थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। करीब एक घंटे बाद में पुलिस ने नाराज ग्रामीणों को समझाकर महिला के खेत में ही उसका दाह संस्कार कराया। मुखाग्नि छोटे बेटे नीलमणि ने दिया।
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