देवरिया/गोरखपुर। बालगृह बालिका कांड की जांच के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम देवरिया पहुंची। पांच सदस्यीय टीम ने बाल गृह का जायजा लिया। राजकीय बालसदन जाकर मुक्त कराई गई सभी लड़कियों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। जिले के आला अफसरों के साथ बैठक भी की। करीब दो घंटे जिले में रही टीम ने जांच के संबंध में मीडिया को कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया। कहा कि वे सीधे आयोग के चेयरमैन को रिपोर्ट सौंपेंगे। हालांकि टीम के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने तात्कालिक कार्रवाई की है। अब सभी लड़कियां खुश हैं और उन्हें अच्छे माहौल में रखा गया है।
इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. आरजी आनंद के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम शासन के निर्देश पर ट्रेन से बृहस्पतिवार सुबह 10.30 दिल्ली से गोरखपुर पहुंची। रेलवे स्टेशन से टीम सीधे सर्किट हाउस पहुंची। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह समेत कई अफसर भी वहां मौजूद रहे। औपचारिक तौर पर टीम ने देवरिया कांड के बाद गोरखपुर में हुई कार्रवाई आदि की जानकारी ली। फि र दोपहर 12.30 बजे टीम देवरिया के लिए रवाना हो गई।
देवरिया पहुंची पांच सदस्यीय टीम में केंद्रीय आयोग की सलाहकार समिति की सदस्य गौरीशंकर तेलंगर, पूजा जैसमानी, हिमानी नौटियाल व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य प्रीति वर्मा शामिल रहीं। शाम चार बजे टीम सबसे पहले स्टेशन रोड पर स्थित बालगृह बालिका पहुंची। यहां सील भवन का बाहर से ही जायजा लिया। भवन के दरवाजे-खिड़कियों की स्थिति को चारों तरफ से देखा। करीब 10 मिनट तक पड़ताल के बाद टीम राजकीय बाल सेवा सदन पहुंची। यहां परिसर में जाकर बच्चों से मुलाकात की। सेवा सदन में करीब आधा घंटा बिताने के बाद टीम के सदस्य पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां डीएम अमित किशोर, एसपी रोहन पी. कनय सहित अन्य अफसरों के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
बैठक के बाद मीडिया से रू-ब-रू होते हुए कहा कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। उन्हें अच्छे और सुखद वातावरण में रखा गया है। सरकार ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। अपनी जांच के बारे में वह कुछ भी सार्वजनिक नहीं कर सकते। इसकी रिपोर्ट आयोग के चेयरमैन को सौंपी जाएगी। इसके बाद करीब छह बजे टीम गोरखपुर के लिए रवाना हो गई और शाम सात बजे गोरखपुर पहुंची।
गोरखपुर में आयोग की टीम ने यहां के अफसरों से गोरखपुर के भी महिला राजकीय एवं प्राइवेट संस्थाओं द्वारा संचालित बालगृहों, शिशु गृह, राजकीय संप्रेक्षण गृह, नारी निकेतन आदि में रह रहे बच्चों का हाल पूछा। इस दौरान टीम ने मां विंध्यवासिनी महिला संरक्षण गृह द्वारा गोरखपुर के रानीडीहा में संचालित किए जा रहे वृद्धा आश्रम के बारे में भी जानकारी ली। आयोग की टीम रात में ट्रेन से मुजफ्फरपुर रवाना हो गई। वहां जांच करने के बाद टीम झारखंड जाएगी।
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बयान
हमारी टीम देवरिया के बच्चों की स्थिति जांचने के साथ ही उनकी मनोवैज्ञानिक स्थिति भी परखने आई थी। वर्तमान में उनके रहने के लिए डीएम-एसपी ने अच्छी व्यवस्था की है। जिन दोनों शेल्टरों में 42 बच्चों को रखा गया है, वहां का भी निरीक्षण किया गया। वहां भी व्यवस्था दुरुस्त पाई गई। - डॉ. आरजी आनंद, आयोग की टीम के नेतृत्वकर्ता