बांदा। अलग-अलग घटनाओं में किशोरी और युवती ने आत्मदाह कर लिया। किशोरी के परिजनों ने घटना के पीछे बीमारी से तंग आकर आत्महत्या बताई है। युवती के घरवाले भी कमोवेश बीमारी से परेशान होकर आग लगाने की बात कह रहे हैं। हालांकि युवती के मायके वालों ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के अनौसा गांव में बुधवार को शाम रामप्रताप की 14 वर्षीय पुत्री शीलू ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। घर के लोग खेत में थे। पड़ोसी खपरैल तोड़कर अंदर दाखिल हुए और आग बुझाई।
नाजुक हालत में शीलू को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से कानपुर ले जाया जा रहा था रास्ते में उसकी मौत हो गई। गुरुवार को यहां शव का पोस्टमार्टम हुआ है। वह 8वीं कक्षा तक पढ़ी थी। तीन भाई और दोनों बहन परिवार में हैं। पिता के मुताबिक मानसिक रूप से बीमार थी।
दूसरी घटना मटौंध थाना क्षेत्र के करछा गांव में हुई। यहां छोटी बिट्टी (26) पत्नी मंगल पांडेय बुधवार को शाम मिट्टी का तेल डालकर खुद को जिंदा जला लिया। उसकी वहीं मौत हो गई। पति का कहना है कि मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। शादी चार वर्ष पूर्व हुई थी। अपने पीछे ढाई वर्षीय पुत्री छोड़ गई है। पति मजदूरपेशा है।
उधर, मृतका के पिता लखना और भाई भउवा (बरुआ, एमपी) का कहना था कि सात माह मायके में रहने के बाद हाल ही में 15 दिन पूर्व ससुराल आई थी। आरोप लगाया कि ससुराल में छोटी बिट्टी को प्रताड़ित किया गया। उसके साथ मारपीट की जा रही थी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। एक अन्य घटना में बबेरू कोतवाली क्षेत्र के साथी गांव में बुधवार की रात छोटू (21) पुत्र त्यागी ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना की वजह पता नहीं चली।