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11 इस्पेक्टर जाएंगे ट्रेनिंग में, कानून-व्यवस्था में आ सकती है बाधा

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अखिलेश सरकार ने कराई थी भर्तियां
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देवरिया। विभागीय प्रमोशन के जरिए सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बने 11 लोग प्रशिक्षण में भाग लेने जाएंगे। एक साथ जिले से इतने इंस्पेक्टर के ट्रेनिंग में जाने से कानून-व्यवस्था को संभालने में दिक्कत हो सकती है, लेकिन महकमे के जिम्मेदार इसको लेकर तैयार हैं। ट्रेनिंग दो सप्ताह तक चलेगी।
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प्रदेश की पिछली सपा सरकार में वरिष्ठता के आधार पर सब इंस्पेक्टर्स का इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन हुआ। जिले में प्रमोशन पाने वाले दरोगाओं की संख्या 11 है। कुछ तो कई साल पहले ही प्रमोशन पा चुके हैं। जनवरी महीने में विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से कुछ दिन पहले ही उनके कंधे पर स्टार बढ़ गया। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इनका प्रशिक्षण कराया जाना है। 26 दिसंबर से दो सप्ताह के प्रशिक्षण का कार्यक्रम है। एक साथ इन सभी इंस्पेक्टरों के ट्रेनिंग में चले जाने से जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर कुछ दिक्कत हो सकती है। इस बाबत एएसपी, सुरेंद्र बहादुर ने कहा कि प्रमोशन के बाद लोगों को ट्रेनिंग की व्यवस्था है। इनके जाने से जिले में कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। पहले से इसकी तैयारी की गई है।

इनको जाना है ट्रेनिंग में
सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बने नीतीश श्रीवास्तव, राय साहब यादव, सत्येंद्र पांडेय, विजय सिंह गौर, शोभा सिंह सोलंकी, विजय तिवारी, प्रदीप शर्मा, सरोज शर्मा, प्रभातेष श्रीवास्तव, डीपी सिंह और एक अन्य।
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मेरठ में होगा प्रशिक्षण
मेरठ जिले में स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में प्रमोशन पाए सभी इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग होगी। 26 दिसंबर से शुरू होकर ट्रेनिंग दो सप्ताह तक चलेगी। इसके बाद सभी अपने मूल तैनाती स्थल पर आकर कार्यभार संभाल लेंगे।

एसएसआई संभालेंगे थाना
थाने की कमान संभाल रहे इंस्पेक्टर के ट्रेनिंग में चले जाने के बाद एसएसआई थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। मौजूद समय में सदर कोतवाली, महिला थाना, सलेमपुर कोतवाली, भलुअनी, रामपुर कारखाना और भाटपाररानी थाने में इंस्पेक्टर चार्ज पर हैं।

बैच के लोगों से होती है मुलाकात
ट्रेनिंग में जाने की खबर से एक इंस्पेक्टर काफी उत्सुक हैं। उनका कहना है कि इस दौरान न तो किसी अधिकारी का और न ही किसी काम का दबाव रहेगा। इतने दिन वे चिंतामुक्त रहेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान उनके साथ भर्ती दरोगाओं से मुलाकात हो जाएगी। पुलिस विभाग की नौकरी ही ऐसी है कि उनसे मिलने का अवसर नहीं मिल पाता है। ट्रेनिंग के दौरान उनके मिलने का सुखद अनुभव की उम्मीद है। उनसे नौकरी की बात को साझा कर कुछ अनुभव बढ़ाया जाएगा।
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