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ीएम ने सरकारी डॉक्टर के आवास पर की छापेमारी,वर्कर गिरफ्तार

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प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकड़ा गया सरकारी डॉक्टर
आवास पर मिले कई मरीज, वर्कर के पास से डीएम ने बरामद किए 37 हजार
फ्रैक्चर पैर का ऑपरेशन कराने आए खुखुंदू के युवक की शिकायत के बाद डीएम ने की कार्रवाई
ऑपरेशन के बदले मांगे थे 10 हजार, ऑडियो और वीडियो डीएम को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ के प्राइवेट प्रैक्टिस की सूचना पर डीएम ने सोमवार को उनके सरकारी आवास पर छापा मारा। डॉक्टर को रंगेहाथ पकड़ते हुए मौके से मरीजों से वसूला गया 37 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने डॉक्टर के प्राइवेट वर्कर को हिरासत में ले लिया है। चिकित्सक के खिलाफ शासन को पत्र लिखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी इंद्रजीत का एक पैर सड़क दुर्घटना में 11 दिन पूर्व फ्रैक्चर हो गया था। उसका इलाज जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन कन्नौजिया कर रहे थे। डॉक्टर ने तीन दिन पूर्व पैर का ऑपरेशन करने को कहा। आरोप है कि इसके एवज में डॉक्टर ने 10 हजार रुपये की मांग की। नहीं देने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने की चेतावनी दी। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए युवक ने रुपये देने में असमर्थता जताई, बावजूद डॉक्टर ने एक न सुनी। पीड़ित इंद्रजीत यादव के फुफेरे भाई बन बरनही गांव निवासी प्रेेमचंद्र यादव ने डॉक्टर का रुपये मांगते हुए ऑडियो डीएम को सुनाया। डीएम के निर्देश पर सोमवार की अपराह्न डॉक्टर के आवास पर वर्कर को नौ हजार रुपये देते हुए वीडियो बनाया। इंद्रजीत ने सभी नोट की फोटो कॉपी करा ली थी। कुछ ही देर में डीएम अमित किशोर और रुद्रपुर एसडीएम अपने निजी कार से डॉक्टर के सरकारी आवास पर धमक पड़े। डीएम के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। युवक ने जिस वर्कर को बताया उसके पास से करीब 37000 हजार रुपये बरामद हुए। युवक ने डीएम को नोटों की फोटो प्रति दिखाई। मिलान में वर्कर के पास वही नोट पाए गए। डॉक्टर के आवास पर मौजूद मरीजों का पुलिस ने बयान दर्ज किया। वर्कर को हिरासत में ले लिया। डीएम अमित किशोर ने बताया कि सरकारी डॉक्टर अपने आवास पर निजी प्रैक्टिस करते हुए पकड़ा गया। एक मरीज से फ्रैक्चर पैर का ऑपरेशन के लिए रुपये लिया था। पकड़े गए वर्कर पर केस दर्ज कराया जाएगा और डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। उधर, डॉ. पीएन कन्नौजिया का कहना था कि डीएम के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह आवास पर पहुंचे थे। रुपये लेने वाला शख्स कौन था, उन्हें नहीं पता। वह उसे नहीं पहचानते।
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वार्ड में भर्ती मरीज बोले डॉक्टर मांगते है रुपये
देवरिया। डॉक्टर के आवास पर छापेमारी के बाद डीएम, रुद्रपुर एसडीएम और सीएमएस डॉ. छोटेलाल सर्जिकल वार्ड में पहुंचे। वार्ड में भर्ती मरीजों ने भी डॉ. पीएन कन्नौजिया पर इलाज के लिए रुपये मांगने का आरोप मढ़ा। वार्ड में भर्ती इंद्रजीत यादव को पैर के ऑपरेशन के लिए डीएम ने एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजवाया।

इलाज के लिए आए मरीजों से लिया गया था रुपये
देवरिया। डॉ. पीएन कन्नौजिया के आवास पर डीएम ने कोतवाली पुलिस के साथ छापेमारी की। आवास में इलाज के लिए आए तरकुलवा निवासी रामप्यारे सिंह से 600, रुद्रपुर निवासी सचिन विश्वकर्मा से 1500, आदित्य गुप्ता से 700, रामपुर कारखाना के बरनई गांव निवासी प्रेमचंद्र यादव से नौ हजार रुपये डॉक्टर के वर्कर ने वसूला था।
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प्राइवेट कार से पहुंचे डीएम
देवरिया। डीएम अमित किशोर अपने प्राइवेट कार से रुद्रपुर एसडीएम को लेकर अचानक शाम को जिला अस्पताल में डॉ. पीएन कन्नौजिया के आवास पर पहुंच गए। वहां पर डॉक्टर मरीजों का इलाज और वर्कर फ्रैक्चर पैर व हाथ का प्लास्टर कर रहे थे। डीएम के पहुंचने के कुछ देर बाद ई-रिक्शा से गार्ड और अपने वाहन से पीएसी के जवान पहुंचे।
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