देवरिया। एसआईटी सोमवार की शाम फिर बालिका गृह पहुंची। एसडीएम-सीओ की मौजूदगी में सील तोड़कर अंदर पहुंची टीम ने यहां से एक पुरानी आलमारी से रजिस्टर जब्त किए। उनके साथ बालिका गृह में काम करने वाले कर्मचारी भी मौजूद रहे। उन्हीं की निशानदेही पर एसआईटी ने आलमारी को तोड़वाया। करीब ढाई घंटे की जांच के बाद टीम ने फिर से बालिका गृह को सील कर दिया। इससे पहले दोपहर में रजला स्थित वृद्धाश्रम में भी टीम ने पड़ताल की।
सोमवार की शाम सवा चार बजे एसआईटी की एसपी पीटीसी मेरठ पूनम, एसपी विजलेंस मेरठ भारती सिंह, कुछ अन्य सदस्य, एसडीएम सदर रामकेश यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, सीओ शितांशु कुमार, विवेचक बृजेश यादव के साथ स्टेशन रोड स्थित बालिका गृह पहुंची। यहां सभी अधिकारी सील तोड़कर बालिका गृह में दाखिल हुए। सभी अधिकारियों ने अंदर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। टीम के सदस्यों ने यहां रखी एक पुरानी आलमारी का ताला तोड़कर दो मोटे रजिस्टर अपने कब्जे में लिया। कुछ अन्य दस्तावेजों को भी जब्त किया। बताया जा रहा है कि संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने यहां कुछ रिकॉर्ड छिपाकर रखे थे। जांच टीम कब्जे में लिए गए कागजात का अवलोकन कर जांच को आगे बढ़ाएगी। शाम 6.45 बजे अधिकारियों ने फिर से बालिका गृह को सील कर दिया। सील करने के बाद सभी वापस लौट गए।
विवेचक ने बनाया नजरी-नक्शा
देवरिया। बालिका गृह कांड की विवेचना कर रहे एसटीएफ के एसआई बृजेश यादव ने सोमवार को बालिका गृह का फिर से नजरी-नक्शा बनाया। यहां आने-जाने वाले रास्तों को देखकर नक्शा तैयार किया। बताया जा रहा है कि यह विवेचना में फाइल किया जाएगा।
पांच पूर्व कर्मचारियों से हुई पूछताछ
देवरिया। एसआईटी ने सोमवार को मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की अध्यक्ष गिरिजा त्रिपाठी के साथ काम करने वाले पांच पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ किया। एसआईटी घटना के संबंध में उनसे जानकारी हासिल की। बताया जा रहा है कि कुछ सदस्यों ने टीम को कुछ जानकारी दी है। गिरिजा त्रिपाठी की संस्था में कुल 22 लोग काम करते थे। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को इसमें से पांच कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। एसआईटी के बुलावे पर कर्मचारी सुबह पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में पहुंचे थे। टीम के सदस्यों ने सभी कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की। उनसे मिले जवाब के आधार पर टीम जांच में सहयोग लेगी। सूत्रों की मानें तो इन सदस्यों ने एसआईटी को कुछ गोपनीय जानकारी दी है। यह जानकारी जांच में काम आएगी।
रिकॉर्डों का अवलोकन की एसआईटी
देवरिया। बालिका गृह पहुंचने से पूर्व एसआईटी की सदस्य पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में रिकॉर्डों का अवलोकन की। पिछले कई दिन से एसआईटी इस कार्य को गहनता से करने में जुटी हुई है। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से संचालित बालिका गृह और वृद्धाश्रम से लिए गए सभी रिकॉर्डों की एसआईटी गहनता से छानबीन करने में जुटी है। पांच अगस्त की रात के बाद से देवरिया कांड की जांच चल रही है। एसआईटी की सदस्य एसपी पीटीसी मेरठ पूनम और एसपी विजलेंस भारती सिंह यहां कैंप कर रही हैं। एडीजी क्राइम मेरठ संजय सिंघल निगरानी में लगे हैं। शासन से कोर्ट तक वह जांच रिपोर्ट लेकर पहुंच रहे हैं।