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अकड़पन और जिद्दी स्वभाव एसपी पर पड़ा भारी

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अपने कार्यकाल में सुर्खियों में रहे एसपी रोहन
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प्वाइंटर
- आने के कुछ दिन बाद ही जिला पंचायत अध्यक्ष पर की थी बड़ी कार्रवाई
सुनील कुमार सिंह

देवरिया। अपने पांच महीने के कार्यकाल में एसपी रोहित पी. कनय सुर्खियों में बने रहे। उन्होंने अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की तो लापरवाह विभागीय कर्मचारियों पर कार्रवाई भी। लापरवाह थाना प्रभारियों को हटाकर बता दिया कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं।
21 मार्च को एसपी रोहन पी. कनय जिले में आए। अप्रैल में युवक का अपहरण कर जमीन बैनामा कराने के मामले में उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू पर केस दर्ज कर दिया। 28 अप्रैल को दर्ज केस के मामले में एक मई की रात पूर्व सांसद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर विद्यार्थी के अमेठी स्थित आवास पर दबिश देकर युवक को बरामद करा लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष को 26 मई को गिरफ्तार कर 27 को न्यायालय के लिए चालान कर दिया। इस मामले में उनको हाईकोर्ट ने जमानत दी तो 14 अगस्त को उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी।
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विभागीय लोगों पर भी एसपी रोहन पी. कनय ने लापरवाही पर कार्रवाई की। लार एसओ श्रवण यादव को बदमाशों को छोड़ देने के मामले में बुलाया। उनसे सीयूजी नंबर और सरकारी गाड़ी लेकर पैदल वापस भेज दिया। क्राइम मीटिंग में रुद्रपुर के कोतवाल सीपी जैसल से सीयूजी नंबर लेकर लाइन में आमद कराने का निर्देश दे दिया। एक मामले में बरहज इंस्पेक्टर रामधनी मिश्र को बुलाकर लाइन हाजिर कर दिया। एक मंत्री के करीबी इंस्पेक्टर और दरोगा को भी चार्ज से हटा दिया। भटनी में एसओ के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। एसपी की इस छवि से महकमे में उनकी जबरदस्त हनक थी।
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इनसेट में-
गुडवर्क करने के चक्कर में फंसे
देवरिया। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका पर कार्रवाई के चक्कर में एसपी रोहन पी. कनय का दांव उल्टा पड़ गया। पांच अगस्त को की गई कार्रवाई के दौरान उन्होंने डीएम समेत उच्चाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया था। मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया तो प्रदेश सरकार की बड़ी किरकिरी हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी। सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई। पहले दिन उन्होंने 18 लड़कियों के गायब होने की बात कही थी। बाद में उन्होंने सभी की तस्दीक कर लेने की बात कही। डीएम सुजीत कुमार को पहले ही हटा दिया गया था। तभी से यह चर्चा होने लगी थी कार्रवाई की तलवार एसपी पर भी गिरेगी।
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इनसेट में-
स्वॉट टीम को किया भंग
देवरिया। अपने कार्यकाल में एसपी रोहन पी. कनय ने स्वॉट टीम को भंग कर दिया था। जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू पर की गई कार्रवाई के दौरान स्वॉट टीम प्रभारी अनिल यादव पर जातिवाद से प्रेरित होने का आरोप लगा था। रामप्रवेश की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने मीडिया के सामने बताया था कि आरोप बेबुनियाद थे। बाद में इस टीम को भंग कर दिया गया।
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