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बंधे के नीचे गिरी अनाज से भरी ट्राली, कोटेदार की मौत

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तिघरा मराछी बांध के नीचे पलटी अनाज से भरी ट्राली - फोटो : अमर उजाला
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एकौना। अनाज से भरी ट्रॉली-ट्रैक्टर बंधे के नीचे पलटने से कोटेदार की मौत हो गई। वह गोदाम से अनाज लेकर गांव को लौट रहे थे। घना कोहरा होने के कारण कोटेदार रास्ता भटक गए और गाड़ी बंधे के नीचे गिर गई।
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रुद्रपुर क्षेत्र के कोटेदार उसरा बाजार स्थित एफसीआई की गोदाम से अनाज का उठान करते हैं। हालांकि पूर्व में नगर में ही गोदाम बना था। शुक्रवार को तिघरा खैरवा गांव के कोटेदार लल्लन पासवान अनाज लेकर ट्रॉली-ट्रैक्टर से गांव की ओर चले। पांच बजे से ही कोहरा गिरने लगा, जिससे गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई। पचलड़ी के आगे भागड़ा नाले पर कटान होने की वजह से कोटेदार को रास्ता बदल कर गाड़ी ले जाना पड़ा। रात करीब नौ बजे तिघरा मराछी बांध पर कोहरे में पहिया फिसलने से कोटेदार बंधे के नीचे वाहन लेकर पलट गया। ट्रॉली-ट्रैक्टर करीब 20 फिट गहराई में गिर गई। ट्रैक्टर तले दबने से कोटेदार की मौत हो गई। लल्लन के दो बेटे और दो बेटियां है। कोटेदार की मौत पर उसके बेटे प्रमोद पासवान और जितेंद्र का रो रोकर बुरा हाल है। उसकी दोनों बेटियां पूनम और सुमन अपनी मां इंद्रावती से लिपट कर रो रही थीं। लल्लन की बेटी पूनम की शादी तय है। वह गल्ले की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे।

कोटेदारों ने व्यक्त की शोक संवेदना
रुद्रपुर। सड़क हादसे में तिघरा खैरवा के कोटेदार लल्लन पासवान की मौत पर कोटेदारों ने शोक संवेदना व्यक्त की। कोटेदार संघ के अध्यक्ष रमापति शुक्ला और महामंत्री रामकुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन से कई बार एफसीआई का गोदाम रुद्रपुर कस्बे में बनाने की मांग की गई। कोटेदारों को करीब 40 किलोमीटर की दूरी से अनाज ढुलाई कराना पड़ रहा है। जिससे कोटेदारों को परेशान होना पड़ रहा है। यदि गोदाम से दूरी कम रहती तो कोटेदार अनाज लेकर शाम को ही घर पहुंच गया होता तो शायद दुर्घटना में कोटेदार को जान नहीं गवांना पड़ता।
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