बघौचघाट के पकहा से चोरी गयी रोडवेज बस के साथ बघौचघाट पुलिस।
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बघौचघाट (देवरिया)। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही के गांव से रोडवेज की बस चोरी होने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। कुशीनगर जिले से लावारिस हालत में बस बरामदगी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। बस चोरी के मामले में देर शाम तक मुकदमे की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
बघौचघाट थाने के पकहां गांव से देवरिया तक रोडवेज की बस चलती है। चालक और परिचालक बृहस्पतिवार की रात रोज की तरह आईटीआई स्कूल के पास बस खड़ी कर घर चले गए। शुक्रवार सुबह मलवाबार गांव निवासी परिचालक आलोक और तीलमा साहुन गांव निवासी चालक राजेश आए तो बस नहीं थी। इसकी सूचना परिचालक ने पुलिस को दी। बस चोरी की खबर मिलते ही रोडवेज अफसरों और पुलिस विभाग में खलबली मच गई।
उधर, चोर बस को कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाने के बलियवन के पास खड़ी कर फरार हो गए। पटहेरवा पुलिस की सूचना पर पहुंची बघौचघाट पुलिस ने बस को थाने लेकर आई। थाने पर पहुंचे रोडवेज विभाग के अफसरों से वार्ता करने के बाद पुलिस ने बिना मुकदमा लिखे बस को छोड़ दिया। बघौचघाट के थानेदार आरपी सिंह ने बताया कि चोरी की सूचना मिलने के कुछ देर बाद बस कुशीनगर से बरामद हो गई। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
रास्ता नहीं होने पर बस छोड़ भागे चोर
चोरी गई रोडवेज की बस रात को जहां खड़ी होती है, वहां दो और बसें खड़ी थीं। चोरों ने रोडवेज की बस को ही निशाना बनाया। पुलिस की मानें तो बस के अंदर चोर सामने का शीशा तोड़कर दाखिल हुए थे। कुशीनगर में जहां से बस बरामद हुई है वहां पर रास्ता काफी संकरी हो गया है। लगता है कि बस को आगे ले जाने की जगह नहीं मिलने के कारण चोर बस को यहां छोड़कर भाग गए।
चालक-परिचालक के खिलाफ विभागीय जांच
रोडवेज के एआरएम रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि रोडवेज बस को सड़क पर खड़ी कर घर में सोने वाले चालक और परिचालक के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है। बस की रखवाली दोनों लोगों की जिम्मेदारी है। इसके लिए चालक और परिचालक को रात्रि भत्ता भी दिया जाता है। इसके बावजूद दोनों घर सोने चले गए। मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि रोडवेज की 39 बसें रात को क्षेत्र में नाइट हॉल्ट करतीं हैं, लेकिन अधिकांश बस चालक और कंडक्टर बस स्थानीय हैं। ये लोग बसों को खड़ी कर घर चले जाते हैं। इसी का फायदा चोरों ने बृहस्पतिवार की रात को उठाया।