मिल्कीपुर (फैजाबाद)। इनायतनगर थाना क्षेत्र के तरमा गांव में शुक्रवार की दोपहर गन्ने की कटाई करते समय ग्रामीणों ने खेत में कंकाल के साथ चप्पल व कपड़ा देखा। कपड़े व चप्पल के आधार पर शव की पहचान गांव के जगजीवन प्रसाद की पुत्री संगीता के रूप में की गई, जो बीते छह माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पिता ने अपहरण के बाद हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि नरकंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
इनायतनगर थाना क्षेत्र के बारुन बाजार चौकी अंतर्गत तरमा गांव में शुक्रवार की दोपहर में ग्रामीण गन्ने की कटाई कर रहे थे। तभी किसी ने खेत में पड़ा कंकाल के साथ चप्पल व कपड़ा देखा। लोगों ने मामले की सूचना गांववासियों को दी। सूचना पर पहुंचे जगजीवन ने चप्पल व कपड़े के आधार पर कंकाल की शिनाख्त अपनी छह माह पूर्व लापता हुई बेटी संगीता (24) के रूप में की। ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। पिता के अनुसार उसकी बेटी की अपहरण कर हत्या कर दी गई है। बताया कि बीते सात जुलाई को उनकी बेटी संगीता शाम के समय घर से नित्य क्रिया के लिए निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं पहुंची। परिवारीजनों ने काफी-खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को देते हुए अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामले को गुमशुदगी में दर्ज किया।
शुक्रवार को नरकंकाल मिलने की शिकायत पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी बारुन बाजार राम उग्रह कुशवाहा ने कंकाल, गांठ लगा दुपट्टा, कपड़ा और चप्पल बरामद करते हुए कब्जे में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक इनायतनगर धीरेंद्र सिंह ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए घटना के जल्द खुलासे की बात कही है। कहा कि अब पूर्व में दर्ज गुमशुदगी के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी जाएगी।