देवरिया। बरहज थाना क्षेत्र के परसिया तिवारी निवासी मोती उर्फ मोती चंद प्रसाद और छोटे को एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य आरोपों से जुड़े वर्ष 2019 के मामले में अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम काशीनाथ की अदालत ने दोनों का प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किया।
बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि दोनों को पुरानी पटदारी और रास्ते की रंजिश में फंसाया गया है। आरोपों से इन्कार करते हुए कहा गया कि महिला और उसके पति को लगी चोटें साइकिल से गिरने के कारण आई थीं। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर प्रकृति का बताया। अभियोजन के अनुसार, 30 जनवरी 2019 की शाम महिला और उसके पति के साथ मारपीट की गई थी तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी गई थी।
अदालत ने दोनों को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंध पत्र और समान धनराशि के दो प्रतिभू दाखिल करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
साथ ही, सुनवाई में सहयोग करने, निर्धारित तारीखों पर उपस्थित रहने, गवाहों को प्रभावित या धमकाने से दूर रहने और न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने समेत छह शर्तें लगाई गई हैं।