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लॉकडाउन से नहीं आ सके बेटे, पोते ने दी दादी को मुखाग्नि

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लॉकडाउन से नहीं आ सके बेटे, पोते ने दी दादी को मुखाग्नि
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शव ले जाने के लिए नहीं था साधन
बहू ने चेयरमैन से मांगी मदद, उन्होंने उपलब्ध कराया वाहन
सलेमपुर (देवरिया)। इलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उसके तीन पुत्र बाहर रहते हैं। लॉकडाउन की वजह से वे मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में पोते ने दादी की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ी। यह देख वहां मौजूद लोगों के आंखें नम हो गईं।
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लार थानाक्षेत्र के तिलौली गांव के चंद्रशेखर की पत्नी नीतू देवी सास एवं तीन बच्चों के साथ नगर के सोहनाग रोड स्थित किराए के मकान में रहती हैं। शुक्रवार को 70 वर्षीय सास सुमित्रा देवी की अचानक तबीयत खराब हो गई। आसपास के लोगों की मदद से बहू उन्हें एंबुलेंस से लेकर सीएचसी पहुंचीं। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही नीतू आवक रह गईं और इसकी सूचना परिवार के लोगों को दी। उसके पास सास का शव ले जाने का साधन भी नहीं था। यह बात उसने पति चंद्रशेखर को बताया तो उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते वह घर नहीं आ सकते। यही बात दो अन्य बेटों ने भी कही और मां का अंतिम संस्कार कराने की बात कही। ऐसे में नीतू एक मासूम को लेकर शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचीं और कहा, चेयरमैन साहब, मेरी सास की सलेमपुर अस्पताल में मौत हो गई है। लॉकडाउन के चलते कोई साधन नहीं मिल रहा हैं... प्लीज किसी साधन से घर भिजवा दीजिए, जो रुपये लगेंगे दे दूंगी। क्योंकि परिवार के सभी लोग बाहर हैं। लॉकडाउन के चलते कोई आ नहीं पा रहा है। महिला की बात सुनकर चेयरमैन जेपी मद्धेशिया ने तत्काल प्राइवेट वाहन से उसकी सास के शव को नदावर घाट पर पहुंचाया, जहां मासूम ने दादी को मुखाग्नि दी।
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