देवरिया स्टेशन से बाहर आते श्रीश्री रविशंकर।
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देवरिया। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि देश में हिंसा और भ्रष्टाचार में कमी तो जरूर आई है, लेकिन इसमें और कमी लाने और इसे पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। तभी भारत विश्व गुरु बना रहेगा। ज्ञान, ध्यान और कीर्तन से ही देश का उद्धार होगा। उपद्रवी तत्वों को कानून के साथ अध्यात्म से भी सुधारा जा सकता है। श्रीश्री रविशंकर ने दहेज की कुप्रथा पर भी चोट की। कहा कि न दहेज लेने की जरूरत है और न देने की। आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया। कहा कि न शराब पीएं और न पिलाएं। शराब जिंदगी बर्बाद कर देती है।
वे मंगलवार को सदर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित ‘ओम अनुग्रह उत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। वाराणसी से स्पेशल ट्रेन से ‘सौहार्द यात्रा’ लेकर पहुंचे श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि देवरहा बाबा देवरिया में रहते थे। पहली बार बनारस में उनसे मुलाकात हुई थी। उस समय मेरी आयु 18 साल थी। मैंने देवरहा बाबा से मिलने की इच्छा जाहिर की। लोगों ने कहा कि बाबा आराम कर रहे हैं। देवरहा बाबा से मिला तो उन्होंने कहा कि आप पूरी दुनिया में सुगंध फैलाएंगे। प्रसाद स्वरूप उन्होंने एक बड़ा सा तरबूज मचान से फेंका था। श्रीश्री ने कहा कि भारत संतों, महंतों का देश है। यहां की आध्यात्मिकता को विज्ञान ने भी प्रमाणित किया है। उन्होंने देश के युवाओं से हिंसा का मार्ग छोड़ अहिंसा के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। कहा कि भारत की भूमि में गुरुत्वाकर्षण बल कम लगता है। इसलिए दुनिया के अन्य देशों की अपेक्षा यहां के लोग अधिक प्रसन्न-प्रफुल्लित रहते हैं।