रामपुर कारखाना। पांडेयचक उपकेंद्र से जुड़े रामपुर कारखाना, रुस्तमपुर फीडर और पांडेयचक फीडर में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
भीषण गर्मी के बीच कटौती, लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं का जनजीवन प्रभावित हो गया है। नगर पंचायत समेत क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पिछले करीब 15 दिनों से बिजली आपूर्ति मिल रही है।
स्थिति यह है कि एक घंटे बिजली मिलने के बाद दो घंटे तक कटौती की जा रही है, जिससे पूरे दिन में मात्र 5 से 6 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलग फीडर बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में यहां की स्थिति ग्रामीण फीडरों से भी खराब हो गई है।
लगातार हो रही कटौती के कारण घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे चुके हैं, जबकि पानी की आपूर्ति, छोटे व्यवसाय, दुकानों और घरेलू कामकाज पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न रहने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। रात के समय लंबे समय तक बिजली बाधित रहने के कारण लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और गलियों में टहलने को मजबूर हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर है कि पंखे और कूलर तक ठीक से नहीं चल पा रहे हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा नगर क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन पांडेयचक उपकेंद्र क्षेत्र में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। संवाद