खामपार। भाटपार रानी उपकेंद्र से संचालित ग्रामीण क्षेत्रों में बेतहाशा बिजली कटौती से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिजली की आपूर्ति कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई निश्चित शेड्यूल नहीं है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कटौती के संबंध में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछने पर ऊपर से कटौती किए जाने की बात कही जाती है। स्थानीय विभाग के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। लगातार हो रही अघोषित कटौती को लेकर ग्रामीणों में सरकार के प्रति भी नाराजगी बढ़ रही है।
सपा नेता शिवनाथ यादव ने कहा कि विद्युत व्यवस्था को लेकर सरकार के दावे हकीकत से परे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कटौती सरकार की नाकामी को दर्शाती है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मार्कंडेय सिंह ने कहा कि लगातार विद्युत कटौती से क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। इसके बावजूद समस्या का संज्ञान लेने वाला कोई नहीं है। अभिषेक तिवारी गसु ने विद्युत कटौती तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। सुरेश तिवारी ने भी बेतहाशा कटौती पर नाराजगी जताते हुए इसे अविलंब बंद कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऊपर बैठे कुछ अधिकारी सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं।
अधिवक्ता अचल तिवारी, रामशाही, भूपेंद्र सिंह आदि ने कटौती बंद कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।