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Deoria News: मुआवजे की दर पर बनी सहमति, फुटपाथ पर अटका मामला

Wed, 05 Aug 2026 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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तरकुलवा। सोनहुला रामनगर-आनंदनगर मार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित किसानों के मुआवजे की धनराशि को लेकर सहमति बन गई है मगर फुटपाथ पर गतिरोध शुरू हो गया है। किसानों को मुआवजे की धनराशि के वितरण प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के बाद पटरी का निर्माण नहीं होगा, इसकी लिखित जानकारी चाहिए।
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किसानों को लग रहा है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद यदि शोल्डर (पटरी) निर्माण किया गया तो उनकी अतिरिक्त जमीन भी अधिकृत हो सकती है। ऐसे में विभाग को भविष्य में पटरी का निर्माण नहीं कराने का लिखित आश्वास देना चाहिए। किसानों ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पर संशय व्यक्त करते हुए इसे पारदर्शी बनाने की मांग की है।
देवरिया-कसया मार्ग पर जिला मुख्यालय देवरिया से 23 किमी पर स्थित सोनहुला रामनगर चौराहे से बरवा सेमरा, द्वारिका, वृंदावन, मुसहरी, पौहारी छपरा के रास्ते आनंद नगर तक बन रही सड़क की लंबाई 8.71 किमी है। पहले इस सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर थी। आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन की ओर से 34 करोड़ 96 लाख रुपये बजट स्वीकृत किया गया है।
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1988 के पूर्व इस सड़क को केन यूनियन ने कंक्रीट से बनवाई थी। बाद में लोक निर्माण विभाग ने इसकी चौड़ाई 3.75 मीटर कर दी। चौड़ीकरण के बाद सड़क की चौड़ाई सात मीटर की जाएगी। दोनों तरफ करीब 1.625 मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी। सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर कुछ दिन पूर्व निर्माण कार्य को रोक दिया था। इसके बाद राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी और प्रभावित किसानों की मौजूदगी में सर्किल रेट से पौने चार गुना मुआवजा देने और सड़क के बाद पटरी नहीं बनाने की बात पर एक सहमति बनी।
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पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण के बाद पटरी बनवाया गया तो किसानों की अतिरिक्त जमीन भी चली जाएगी। ऐसे में विभाग पटरी नहीं बनाने का लिखित आश्वासन दे।
- बेंचू प्रताप राव, द्वारिका
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विभाग कुछ चिह्नित किसानों को मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है। अन्य प्रभावित किसानों को इससे बाहर रखा जा रहा है। पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिया जाए।
- संत बहादुर राव, द्वारिका
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कोट
प्रभावित किसानों, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की मौजूदगी में सहमति बनी थी। इसके बाद भी यदि किसानों को कोई आपत्ति है तो उसे भी निस्तारित किया जाएगा।
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- अखिलेश्वर कुशवाहा, जेई लोक निर्माण विभाग देवरिया
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