संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। नवरात्र में मां की भक्ति के साथ महिलाएं सेहत का भी पूरा ध्यान रख रही हैं। पांच दिन का व्रत बीतने के बाद अब फलाहार के सहारे ऊर्जा बनाए रखने की कोशिश हो रही है। कोई साबूदाने की खिचड़ी खा रही है तो कोई मखाना, उबले आलू और कुट्टू के चीले को थाली में शामिल कर रही है।
भूखे रहने के बजाय खानपान में संतुलन बनाकर व्रती महिलाएं आराधना में जुटी हैं। आस्था के साथ सेहत की फिक्र ने इस बार फलाहार को खास बना दिया है। कुंडौली गांव की साक्षी सिंह 15 साल से नवरात्र पर नौ दिन का व्रत रख रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिनभर भूखे रहने और शाम को तला-भुना खाने से परेशानी होती थी। अब सुबह फल, फिर साबूदाने की खिचड़ी, नारियल पानी और शाम को कुट्टू की रोटी व दही लेती हैं। इससे उन्हें कमजोरी कम महसूस होती है।
भागलपुर की अनन्या जायसवाल पहली बार नौ दिन का व्रत रख रही हैं। उन्होंने मखाना, उबले आलू और कुट्टू के चीले को फलाहार में शामिल किया है। गोड़वली गांव की गुड़िया सिंह बीपी की मरीज हैं। हाल में पथरी का ऑपरेशन भी हुआ है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही व्रत रख रही हैं। लार रोड पर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली रीमा देवी कामकाज के बीच फलाहार करती हैं। उनके पास आने वाली महिलाएं भी व्रत रखने को लेकर सलाह मांगती हैं। भागलपुर पीएचसी के प्रभारी डॉ. रजत कुमार के अनुसार, व्रत में दवा न छोड़ें, नियमित अंतराल पर कुछ खाते रहें और पर्याप्त पानी लें।