संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था धीरे-धीरे हाईटेक हो रही है। अब हर जगह कंप्यूटरीकृत पर्ची मिलेगी। वहीं भीड़ को कम करने के लिए एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल में अलग पर्ची काउंटर बनाए गए हैं, जो सोमवार से कार्य करना शुरू कर देगा। इससे महिला मरीजों को आसानी होगी, उन्हें अब पर्ची के लिए घंटों इंतजार नहीं करना होगा। शनिवार को प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल ने निरीक्षण किया।
मेडिकल कॉलेज के नए भवन स्थित ओपीडी में पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। यहां महिला अस्पताल के मरीजों का पंजीकरण होता है। अस्पताल में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से हर रोज औसतन करीब 22 सौ लोग इलाज कराने आते हैं। यहां चार काउंटर होने के बाद भी पर्ची के लिए लंबी लाइन लगती है। इसके लिए डेढ़ से दो घंटे इंतजार करने के बाद पर्ची मिलती है। यहां भीड़ में गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं हो-हल्ला, नोकझोंक होती है। भीड़ को व्यवस्थित करने में सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूट जाते हैं।
इस समस्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महिला अस्पताल में अलग से पर्ची के लिए एमसीएच इकाई में व्यवस्था की है। वहां अंदर प्रवेश करते ही कंप्यूट्रीकृत पर्ची के लिए दो काउंटर बनाए गए हैं। यहां कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य सामग्री उपलब्ध है। वहीं इमरजेंसी में भी कंप्यूट्रीकृत पर्ची काउंटर शुरू कर दिया गया है। हर जगह कंप्यूट्रीकृत पर्ची कटने से मरीजों को सहूलियत होगी, वहीं रिकार्ड भी सुरक्षित रहेगा।
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प्राचार्य ने ट्रायल के रूप में एक पर्ची काट किया शुभारंभ
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के एमसीएच इकाई स्थित महिला अस्पताल के कंप्यूट्रीकृत पर्ची काउंटर का शनिवार को प्राचार्य ने निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्था देखी। उन्होंने ट्रायल के रूप में एक पर्ची काटी और काउंटर का शुभारंभ किया।
प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल दोपहर में सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल के साथ एमसीएच विंग पहुंचे। उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट विजयेंद्र द्विवेदी से जानकारी ली। इसके बाद कंप्यूट्रीकृत पर्ची कक्ष का जायजा लिया। वहां की व्यवस्था देखी और दरवाजे में लगे शीशे को बदलने का निर्देश दिया।
इसके बाद एक कंप्यूटर सिस्टम पर बैठ गए और उसे चालू किया। उसके फंक्शन को समझा और ट्रायल के रूप में एक पर्ची काटी।
पर्ची का ऑनलाइन शुल्क जमा करने की भी होगी व्यवस्था
- मेडिकल कॉलेज में पर्ची के लिए एक रुपये का शुल्क लिया जाता है। खुदरा पैसा न होने पर लोगों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए ऑनलाइन भुगतान की भी व्यवस्था करने की योजना बनाई जा रही है। आने वाले दिनों में यह सुविधा भी मरीजों व तीमारदारों को उपलब्ध होगी।
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छह माह में शुरू होगी एचएमआईएस व्यवस्था
- मेडिकल कॉलेज में एचएमआईएस (हास्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम) व्यवस्था की योजना पर भी कार्य चल रहा है। छह माह में इसके शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके चालू होने से पैथालाजी की रिपोर्ट डॉक्टर की टेबल पर लगे कंप्यूटर में ऑनलाइन पहुंच जाएगी। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए परेशान नहीं होना होगा। डॉक्टर रिपोर्ट के आधार पर इलाज करेंगे।
मेडिकल कॉलेज में सभी जगह कंप्यूट्रीकृत पर्ची मिलेगी। अस्पताल में भीड़ को एक स्थान से कम करने के लिए महिला अस्पताल में अलग से पर्ची काउंटर होंगे। इमरजेंसी में भी कंप्यूटर से पर्ची काटने की व्यवस्था की गई है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस