सीएमओ ने पत्र भेज परिवार कल्याण महानिदेशक से मांगी अनुमति
लार। सीएचसी में जल्द ही गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन से जटिल प्रसव कराया जाएगा। एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) 2025-2026 के लिए इस अस्पताल को चिन्हित किया गया है। सीएमओ ने परिवार कल्याण महानिदेशक लखनऊ को पत्र लिखकर सेंटर चालू कराने का अनुरोध किया है। यहां जटिल प्रसव की सुविधा मिलने से गर्भवती को देवरिया नहीं जाना पड़ेगा।
लार सीएचसी में ब्लॉक क्षेत्र के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग भी उपचार कराने आते हैं। महिलाओं के लिए 30 बेड का एमसीएच विंग बना है, जहां महिला डॉक्टर इलाज करती हैं। सामान्य प्रसव भी कराया जाता है। वहीं नवजात बच्चों के लिए वार्ड बनाए गए हैं। जहां नवजातों का ख्याल रखा जाता है, लेकिन जटिल प्रसव के लिए गर्भवती को मेडिकल कॉलेज देवरिया के लिए रेफर कर देते हैं। ऐसे में उनके ऊपर आर्थिक बोझ पड़ता है। कई बार झोलाछाप के चक्कर में पड़ परिजन मेडिकल कॉलेज की जगह झोलाछाप के यहां गर्भवती को लेकर पहुंच जाते है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की जान का खतरा रहता है। इसे देखते हुए सीएचसी अधीक्षक डॉ बीवी सिंह ने करीब तीन साल पहले जिम्मेदारों को पत्र भेज लार सीएचसी को एफआरयू चिन्हित करने का अनुरोध किया था। इसी क्रम में 14 नवंबर 2025 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में एनकवास और लक्ष्य से सर्टिफिकेशन प्राप्त संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार में 30 बेड एमसीएच विंग को एफआरयू के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया है।अधीक्षक डॉ बीवी सिंह ने बताया कि सीएमओ द्वारा महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलते ही ऑपरेशन से जटिल प्रसव कराना शुरू कर दिया जाएगा।
अभी इन सीएचसी पर मिल रही ऑपरेशन की सुविधा
गर्भवती महिलाओं के जटिल प्रसव के लिए जिले के बरहज, रुद्रपुर, सलेमपुर, भटनी और गौरीबाजार में पहले से ही ऑपरेशन से जटिल प्रसव कराए जा रहे हैं। अब लार में सुविधा शुरू हो जाने से पड़ोस के भाटपाररानी क्षेत्र के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा एफआरयू सेंटर शुरू होने से बिहार के सीमावर्ती बिहार के गुठनी, सोहगरा, तेनुआ आदि से भी इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को राहत मिलेगी।