इतने ग्रामसभाओं के बीच से (प्रभावित करते) हुए छोटी गंडक नदी पार कर कुशीनगर जिले में चली जाएगी। जिले में बालकुआ, समोगर, पिपरा दौलाकदम, बड़हरी ,सोनबरसा, इमिलिया, देसही देवरिया, नौतन हथियागढ़, सेमरी, बलुअही, शाहजहांपुर, मुंडेरा उर्फ देउरिवा है।
किसानों ने क्या कहा
एक्सप्रेस-वे बनने से खुशी है, लेकिन सर्किल रेट पर मुआवजा मंजूर नहीं। बाजार भाव से मुआवजा दिया जाए। किसानों का आधार ही हमेशा चला जा रहा है। किसानों से मुआवजे को लेकर पहले सहमति लेना चाहिए था।-अशोक राव, किसान इमलियां।
हम लोगों का मूल आधार खेती है। हमेशा के लिए खेती जा रही है। बाजार से मुआवजा दिया जाए, ताकि दूसरी भूमि खरीद सके और रोजगार कर सकें। -केशरी नंद राव, मुंडेरा।
मैं अपनी जमीन पर व्यवसाय करने वाला था। तब तक जमीन सीमांकन में आ गई है। विकास विरोध नहीं करना है लेकिन जमीन भी औने-पौने दाम पर नहीं देंगे। हर हाल में बाजार भाव की तरह मुआवजा देना होगा। इसके कम पर जमीन नहीं दी जाएगी। -दीपक सिंह, देसही देवरिया
जिले में देवरिया- गोरखपुर मार्ग से 22 किलोमीटर तक बाईपास मार्ग निकलना है। इसके लिए किसान लिए भी सर्किल रेट का मुआवजा दियाजा रहा है। जिसका किसान विरोध कर रहे है। इसके कारण यहां भी मुआवजे का पेच फंस चुका है। इसको लेकर किसानों का जनजागरण अभियान भी चल रहा है। इसके साथ ही बैतालपुर तक जाने वाली गैस पाइप लाइन का काम बढ़या गांव के किसानों रोक दिया है। वह भी नगरीय भूमि का मुआवजा मांग रहे है। उनका कहना है कि जब बैतालपुर नगर पंचायत का गांव हिस्सा हो चुका है तो ग्रामीण रेट पर क्यों मुआवजा चलेंगे। इसके कारण यहां भी मामला उलझ गया है।
किसानों को वाजिब मुआवजा दिया जाएगा। यह सभी के विकास की बात है। इसका विरोध नहीं करना चाहिए। अगर कोई किसान नहीं मानता है तो उससे वार्ता की जाएगी। -मनीष चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर।