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एक साल से बन रहे पीकू वार्ड को देख भड़के कमिश्नर
सहायक अभियंता को फटकारा, पूछा-बच्चों के जीवन से जुड़ी योजना में इतनी देरी क्यों
रात को भी आने वाले मरीजों को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला अस्पताल पहुंचे कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना। चिल्ड्रेन, पीकू वार्ड और इमरजेंसी में पहुंचकर मरीजों से जानकारी ली। अस्पताल की हॉटलाइन बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर नाराजगी जताई। अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची लगाने के निर्देश दिए। बैतालपुर में दवाओं का रखरखाव सही नहीं होने पर फार्मासिस्ट को हिदायत दी।
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक से पहले कमिश्नर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। आनन-फानन डॉक्टर और कर्मचारी अपना एप्रन पहनकर ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए। एक्सरे कक्ष में पहुंचे कमिश्नर ने टेक्नीशियन से पूछताछ करते हुए रात में भी एक्सरे की सुविधा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को देने के निर्देश दिए। पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों को बाहर से देखा और प्रभारी एके वर्मा से जेई/एईएस से जुड़ी जानकारी ली। एक वर्ष से निर्माणाधीन 20 बेड के पीकू वार्ड की कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी श्रम लिमिटेड के सहायक अभियंता को कड़ी हिदायत दी। कहा कि किन परिस्थितियों में बच्चों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना बंद है। निर्देश दिए कि ठेकेदार से बात कर डीएम को अवगत कराते हुए प्रत्येक दशा में शुक्रवार से कार्य शुरू करा दें। ऐसा न करने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने जिला चिकित्सालय में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी की स्थापना कराने को कहा। चिल्ड्रेन वार्ड में बंद पंखों को चालू कराने के निर्देश दिए। बरामदे में लगी पुराने दवाओं की सूची को बदलने के लिए कहा। आयुष्मान योजना से इलाज कराने वाले रोगियों की संख्या सीएमएस से पूछा और बेहतर सुविधा देने को कहा। इमरजेंसी पहुंचे कमिश्नर ने वार्डों को देखा। लोगों डायलिसिस सुविधा जिला अस्पताल में शुरू कराने की मांग की। रेड क्रॉस सोसायटी के नाम पर अस्पताल के अंदर आवास, रैन बसेरा में कब्जे को खाली कराने की मांग की गई। दिव्यांग बोर्ड में भी एक शख्स के प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर मरीजों का दोहन की शिकायत हुई। इसके पहले कमिश्नर ने बैतालपुर पीएचसी का भी निरीक्षण किया। फार्मासिस्ट कक्ष और औषधि भंडार में दवाओं का रख रखाव ठीक न होने पर फार्मासिस्ट रंजीत सिंह को हिदायत दी। ईटीसी वार्ड, पीवी यूनिट, प्रसव केंद्र, जननी सुरक्षा वार्ड, गंबुजिया मछली पालन स्थल और कर्मचारी आवास का निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार को सीएचसी को वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित धन का ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
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अस्पताल की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश
देवरिया। बारिश के कारण जिला अस्पताल की दीवारों पर हो रही सीलन को ठीक कराने के निर्देश कमिश्नर ने दिए। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को बुलाकर इसका एस्टीमेट बनाने को कहा। बैतालपुुर पीएचसी के भवन की भी मरम्मत की बात कही।
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कार्यदायी संस्थाओं की सुस्ती पर बिफरे कमिश्नर
कहा- तय समय में पूरा करें काम, नहीं मिलेगा पुनरीक्षित बजट
विकास भवन सभागार में की जिले के विकास कार्यों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने गुरुवार को विकास भवन के गांधी सभागार में जिले की विकास योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। कार्यदायी संस्थाओं की सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी कार्य में पुनरीक्षित लागत की नौबत नहीं आनी चाहिए। देरी होने पर संबंधित संस्था पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने सड़क व अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ कराने को कहा। क्षति होने पर उसके मेंटेनेंस की कार्रवाई टेंडर अनुरूप कराने के निर्देश दिए। डीएम जिले में हाट मिक्स प्लांट न होने से परेशानी की बात रखी। मंडलायुक्त ने बरहज में घाघरा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के कार्य विलंब पर भी नाराजगी जताई। सेतु निगम ने बताया गया कि 60 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। जून 2021 तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। जिले में निर्माणाधीन गो आश्रय केंद्र पिपरा चंद्रभान को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को उन्होंने निर्देशित किए कि गौवंशों के लिए व्यवस्था बनाएं। पशुओं को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने अधिकारी अधिकारी नगर निकाय/नगरपालिको को निर्देशित किया कि नगरीय इलाकों में छूटा गोवंश नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने ईओ को शहरों में गो पालकों की लिस्ट व उन्हें रजिस्टर्ड करने को कहा। स्वच्छता, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शौचालय/सामुदायिक शौचालय की समीक्षा में आयुक्त ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग न हो इसके लिए प्लास्टिक के स्रोत पर छापेमारी कर बंद कराएं। नगरों के अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जमीन की उपलब्धता में तेजी लाने को कहा। एडीएम ने 10 दिन की मोहलत मांगी। पौधरोपण कार्य के तहत सभी लक्षित विभागों को लक्ष्य पूर्ति के निर्देश देते हुए फाल्स रिपोर्टिंग न करने की हिदायत दी। जिला अस्पताल में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की समस्या को शीघ्र दूर करने को कहा। देवरिया-गोरखपुर मार्ग के निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। सड़कों के किनारे जलजमाव पर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि सड़क निर्माण के प्रावधान में नाली निर्माण भी जुड़ा हुआ है। इसलिए नाली का निर्माण भी शीघ्रता के साथ होना चाहिए। बैठक में डीएम अमित किशोर, संयुक्त विकास आयुक्त उग्रसेन पांडेय, सीडीओ शिवशरणप्पा जीएन, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, डीएफओ पीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।