देवरिया। मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को गेट मीटिंग की। प्रदेश सरकार के रवैये पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि सरकार के किसी भी कार्य के क्रियान्वयन में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, लेकिन सेवा संबंधी मांगों को पूरा करने में कोई पहल नहीं की जा रही है।
मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया।
कलेक्ट्रेट परिसर में गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों के साथ सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। इसके चलते कर्मचारियों की वाजिब मांग पूरी नहीं हो रही है।
संगठन की मांगों को पूरा करने के बजाए अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष रामनिवास पांडेय ने कहा कि सरकार के रवैये से कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने सबक सिखाने का मूड बना लिया है।
अध्यक्ष घनश्याम कुशवाहा ने कहा कि सूखा, समेत विभिन्न आपदा में दिन रात काम करते हैं इसके एवज में सेवा संबधी मांग करता है तो सरकार दरकिनार कर देती है। परमहंस यादव ने कहा कि संगठन की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू होगा। कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि सशक्त मोर्चा गठित कर सरकार का विरोध जताना होगा।
अयोध्या पटेल ने कहा कि एकजुटता की बदौलत मांग पर अमल होगा। गेट मीटिंग में चंद्रभान चौरसिया, पारसनाथ यादव, नर्वदेश्वर श्रीवास्तव, रानी सिंह, अजय मिश्र, दुर्गाशरण सिंह, ग्यास लारी, दीपनारायण, शंभूनाथ यादव, ठाकुर चौधरी, रविंद्र शाही, राधा, राधेश्याम सिंह, सुचित वर्मा आदि मौजूद रहे।