तरकुलवा। पिछले 15 दिनों से लगातार पड़ रही ठंड क्षेत्र के किसानों के लिए राहत लेकर आई है। इससे किसानों को गेहूं के फसल की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।
दिसंबर और जनवरी महीने में लगातार बनी हुई ठंड किसानों के लिए राहत लेकर आई है। यह ठंड गेहूं की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वर्तमान समय में गेहूं की फसल टिलरिंग (फुटाव) अवस्था में है और ठंड के कारण खेतों में हरियाली देखने को मिल रही है।
कृषि वैज्ञानिक जगदंबा सिंह सेंगर व कृषि विभाग के बीटीएम वीरेंद्र कुमार द्विवेदी के अनुसार, यदि इसी प्रकार अनुकूल बना रहा और पाला नहीं पड़ा तो इस बार गेहूं की पैदावार बेहतर होगी।
वहीं इलाके के किसानों का कहना है कि दिसंबर की ठंड से फसल की शुरुआती बढ़वार मजबूत हुई है तो जनवरी की ठंड ने फुटाव को बेहतर बना दिया है। क्षेत्र के अमवा गांव के किसान दुर्गेश तिवारी ने बताया कि इस बार गेहूं की फसल घनी और स्वस्थ नजर आ रही है। नारायनपुर के हसनैन खान ने कहा कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो इस वर्ष गेहूं का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले बेहतर होगा। महुआपाटन के किसान सतीश जायसवाल ने बताया कि ठंड के कारण कीटों का प्रकोप काफी कम हो गया है, जिससे फसल सुरक्षित बनी हुई है। जलुआ गांव के रविशंकर सिंह ने बताया कि जनवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है, केवल पाले से बचाव की जरूरत है।