घूस मांगने का वीडियो वायरल होने पर लिपिक पर मुकदमा दर्ज
डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सीएमओ कार्यालय के अधीन जिला क्षय रोग विभाग के लिपिक गिरिजेश्वर मणि त्रिपाठी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मी व परिजन से दस हजार रुपये घूस मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। शनिवार की रात में डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने भ्रष्टाचार का भी मुकदमा दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी के क्लेम भुगतान के लिए गिरिजेश्वर मणि त्रिपाठी प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय जिला क्षय रोग अधिकारी के रुपये मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वह वीडियो में सेवानिवृत्त एक कर्मचारी व उसके परिजन से क्लेम पास कराने के लिए दस हजार रुपये की बेधड़क मांग कर रहे हैं। साथ ही एक युवक के एक हजार रुपये देने पर हाथ में लेने के बाद वापस कर दिए।
कह रहे हैं कि पास रहने पर रुपये खर्च हो जाएंगे और अपने पास से मिलाना पड़ेगा। साथ ही क्लेम पास कराने के लिए सिस्टम की बात करते हुए पूरे पैसे की मांग कर रहे हैं। अन्य लोगों को देने की बात कहते हुए कहते हैं कि पूरे रुपये लेकर आने पर काम हो जाएगा। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ डॉ. राजेश झा ने दो एसीएमओ को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी और सूचना चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय को दी।
महानिदेेशक ने गिरजेश्वर मणि त्रिपाठी को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बस्ती मंडल को नामित किया। उधर, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय चंद ने तहरीर दी। इसमें कहा है कि गिरिजेश्वर मणि त्रिपाठी द्वारा कथित भ्रष्टाचार संबंधी एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर एक जांच टीम का गठन किया गया था। साथ ही सूचना चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय को दी गई थी। इस आधार पर महानिदेशालय ने गिरिजेश्वर मणि त्रिपाठी प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय जिला क्षय रोग अधिकारी को निलंबित कर जांच के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बस्ती मंडल बस्ती को नामित कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर तहरीर दी गई। इस मामले में पुलिस ने गिरिजेश्वर मणि त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि वीडियो वायरल होने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।