भाटपार रानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपार रानी के प्रभारी एवं कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर मांधाता सिंह ने कहा है कि मौसम के अचानक बदलाव से धान की पक कर तैयार फसलों को नुकसान पहुंचेगा। इसके लिए किसानों का चिंतित होना स्वाभाविक है। क्योंकि इस समय वर्षा होने से दाने खराब होने की संभावना है।
उन्होंने बताया है कि दो दिन बृहस्पतिवार और शुक्रवार को वर्षा होने की संभावना है। क्योंकि बंगाल की खाड़ी से उठा हुआ मोन्था तूफान पश्चिम बंगाल, उड़ीसा ,झारखंड और बिहार होते इधर भी आ सकता है। इससे वर्षा होने के साथ तेज हवाएं चलेंगी।उन्होंने बताया कि इससे धान की देर से पकने वाली प्रजातियों को लाभ पहुंचेगा। लेकिन जो फसल पककर तैयार है उसके लिए नुकसान पहुंचेगा। इस समय आलू की बुवाई चल रही है ,जो किसान आलू बो चुके हैं, उनके लिए फायदेमंद है। लेकिन जो नहीं बोए हैं उन्हें वर्षा होने से थोड़ी दिक्कत होगी। यही हाल सरसों मटर आदि का भी है। जिनकी बुवाई हो चुकी है उनके लिए लाभदायक होगी ।लेकिन जहां बुवाई नहीं हुआ है बुवाई में देरी होगी ।उन्होंने किसानों से कहा है कि आने वाली वर्षा से थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है।