नारेबाजी करते गौरी बाजार में सफाईकर्मी।
संवाद न्यूज एजेंसी गौरीबाजार (देवरिया)। नगर पंचायत गौरीबाजार में शुक्रवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आउटसोर्सिंग (ठेके) पर कार्यरत करीब तीन दर्जन सफाईकर्मियों ने पीएफ भुगतान की मांग को लेकर काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मुख्य मार्गों व वार्डों में कूड़े-कचरे का अंबार लग गया है।
सफाईकर्मियों का आरोप है कि पुरानी आउटसोर्सिंग एजेंसी मातृ जनशक्ति इंडिया प्रोटेक्शन ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड पर उनका 1500 से 3000 रुपये तक का पीएफ बकाया है। इसके भुगतान को लेकर एजेंसी का ठेकेदार लगातार टालमटोल कर रहा है। अगस्त से नगर पंचायत की सफाई का काम नई एजेंसी सीबीआर इंटरप्राइजेज खलीलाबाद को सौंपा गया है, मगर पुराने बकाये का समाधान न होने से विवाद गहराता जा रहा है।
कर्मियों का कहना है कि वे महीनों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी। उनका आरोप है कि नई एजेंसी भी मनमानी कर रही है।
मोहन, सिकंदर, मनोज, चंदर, बिरजू, संजय, हरिश्चंद्र और मंजू देवी सहित कई सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया नहीं चुकाया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिशासी अधिकारी बृजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बकाया पीएफ की जिम्मेदारी पुरानी एजेंसी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक माह का पीएफ भुगतान सफाईकर्मियों के खातों में कर दिया गया है।
वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप कुमार मद्धेशिया ने कहा कि समस्या गंभीर है। इसका स्थायी समाधान जल्द निकाल लिया जाएगा।