सोमवार का पूरा दिन शहर जाम रहा। सुबह नौ बजे से लेकर साढ़े चार बजे तक सड़कों पर लंबी कतारे खत्म नहीं हुई। मुख्य सड़क हो या बाजार, गलियों में भी वाहनों का रेला लग गया। जाम होने की वजह यातायात व्यवस्था ठीक नहीं होना बताया जा रहा है। हूटर बजाकर आफिस भागने वाले कई प्रशासनिक अधिकारी भी जाम में घंटों फंसे रहे। जाम में फंसे एसपी मोहम्मद इमरान को जब खाली सड़क नहीं मिली तो वह खुद यातायात की कमान संभाल लिए। एसपी को सड़क पर देख पूरे शहर की फोर्स जाम खुलवाने में जुट गई। जाम से जुझ रहे वाहनों के पहिए घंटों थमे रहे, आलम यह हो गया कि पैदल चलने में लोगों को धक्कामुक्की करनी पड़ी।
सुबह नौ बजते ही शहर का सिविल लाइंस रोड जाम हो गया। कर्मचारी, अधिवक्ता, नौकरी पेशा और अधिकारी ड्यूटी के लिए निकले तो घंटों जाम में फंस गए। यातायात प्रभारी रामवृक्ष यादव हाथ में डंडा लेकर सड़क पर दौड़ते रहे। दोपहर होते ही जाम बेकाबू हो गया। जाम में विधायक, प्रशासनिक अधिकारी सहित कई लोग फसे तो पुलिस हरकत में आई। खुद एसपी मोहम्मद इमरान सुभाष चौक पर जाम में फंस गए। कुछ देर बाद जब हालात सामान्य नहीं हुए तो एसपी गाड़ी से नीचे उतर गए। उनके मातहत जाम खुलाने में जुट गए। एसपी को खड़ा देख महकमा भागने लगा। कोतवाली में अराम फरमा रहे विजय सिंह गौर भी सड़क पर आ गए। लेकिन कोतवाली रोड पर भी वाहनों के पहिए ठप पड़े थे। करीब एक घंटे तक निरीक्षक कोतवाली गेट के सामने जाम में फंसे रहे। पूरा दिन जाम के नाम रहा। गोरखपुर ओवरब्रिज, पुराना बस स्टैंड, सुभाष चौक, कोआपरेटिव-हनुमान मंदिर रोड, मालवीय रोड-कसया ढाले तक, मोतीलाल रोड, पोस्टमार्टम चौक, भटवलिया, कचहरी, बसस्टैंड सहित शहर के सभी गलियों में जाम लगा रहा।