ग्राम पंचायत के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी गई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विकास कार्याें में रुचि न लेने और 15वें वित्त आयोग का धन खर्च करने के आरोप में लार ब्लाॅक के चुरिया ग्राम पंचायत के प्रधान सुनील ठाकुर का पाॅवर डीएम ने सीज कर दिया है। साथ ही कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। मामले की जांच के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अपनी रिपोर्ट जल्द देने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए धन दिया गया। 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के तहत आवंटित किस्त से अधिक मैनुअल रिसिप्ट कर लेने के कारण पंचायतों में व्यय का प्रतिशत कम दिखा है। 15वें एवं पंचम वित्त आयोग के ओपनिंग बैलेंस को ठीक करने के लिए विकल्प उपलब्ध कराया गया था।
साथ ही ग्राम पंचायतों को व्यय के प्रतिशत में सुधार करने के निर्देश दिए गए, लेकिन लार ब्लाॅक की ग्राम पंचायत चुरिया में 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 18,66,012 दिख रही है। इससे स्पष्ट है कि ग्राम प्रधान की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही है। इससे ग्राम पंचायत चुरिया के खाते में सरकारी धनराशि निष्प्रयोज्य दिख रही है।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में जिला 15वें वित्त आयोग के व्यय प्रतिशत में सी श्रेणी दिख रहा है। इसको लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने उसका जवाब नहीं दिया। इससे जाहिर है कि प्रधान की ओर से पद के दायित्वों एवं कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने प्रकरण को गंभीरता लिया। डीएम ने लार ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत के प्रधान के अधिकारों को सीज कर दिया। साथ ही मामले की जांच के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को नामित किया है। जांच में निर्दोष साबित होने तक तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति में ग्राम पंचायत सदस्य रिंपल देवी, रोशन, सदस्य व विनय सिंह शामिल हैं।