ईस्टर के मौके पर जलकल रोड स्थित चर्च में एकत्र हुए लोग।
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देवरिया। मसीही समाज के लोगों ने रविवार को ईस्टर संडे पर्व हर्ष एवं उल्लास के बीच मनाया। प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और उनके पुनर्जीवित होने की खुशी में शहर के जलकल रोड स्थित मसीह कलीसिया एवं कसया बाईपास के संत पुष्पा चर्च में विशेष पूजा एवं प्रार्थना का आयोजन किया गया।
संत पुष्पा चर्च में दिन के 10.30 से दो बजे तक आयोजित प्रार्थना सभा में पुरोहित फादर मैथ्यू ने कहा कि ईस्टर संडे को प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे थे। मृत्यु के तीन दिन बाद उनका पुनरुत्थान हुआ। उनका पुन:जी उठना एक ऐतिहासिक घटना है और इसके तमाम सबूत मौजूद है। प्रभु का खाली कब्र आज भी येरुशलम में सुरक्षित है। आगे कहा कि मृत्यु अटल है इसे टाला नहीं जा सकता। अपने जीवन का आदर्श प्रस्तुत करते हुए पूरे मानव समाज को शांति और क्षमा की प्रेरणा दिए।
मसीह कलीसिया चर्च में दिन के नौ से दोपहर 12 बजे तक प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। प्रार्थना के बाद चर्च के क्वायर में शामिल निक्की, सरीता, विंसी, अमन, प्रिंस, चांदनी, प्रीति ने मेरे प्यारे महबूब मसीहा.. गीत सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इसके बाद मिसेज पुष्पांजलि ने ईस्टर का संदेश देते हुए कहा कि यीशु मसीह इस दुनिया में पापी मानव जाति के लिए मारे गए। मृत्यु के तीसरे दिन उन्हें पुनर्जीवन प्राप्त हुआ। प्रभु सारे मानव जाति को प्यार करता है। अंतिम प्रार्थना संदेश पॉस्टर समर्पण ने दिया। इस दौरान शिव प्रसाद मसीह, सुनैना सिंह, नमिता अल्फ्रेड, सरोज विश्वास, शीला, अरुण अल्फेड, मौरिस, वाल्मिकी, मोहन मसीह आदि मौजूद रहे।