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सील वृद्धाश्रम का ताला तोड़कर चोरी की कोशिश

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संचालक गिरिजा त्रिपाठी की शिकायत पर डीएम ने कमेटी बनाकर कराई जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रजला गांव स्थित वृद्धाश्रम का सील ताला तोड़कर चोरी की कोशिश हुई। वृद्धाश्रम की संचालक गिरिजा त्रिपाठी की शिकायत पर डीएम ने चार सदस्यीय कमेटी से जांच कराई तो मामला सही मिला।
पांच अगस्त 2018 को बहुचर्चित देवरिया बालिका गृह कांड हुआ था। तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से स्टेशन रोड पर संचालित बालिका गृह से भागकर आई एक लड़की ने वहां के कारनामों के बारे में बताया था। इसके बाद पुलिस छापा मारकर संस्था की अध्यक्ष गिरिजा त्रिपाठी और उनके पति मोहन त्रिपाठी के साथ ही यहां रहने वाली 23 संवासिनियों को छुड़ाया था। मजिस्ट्रेट ने बालिका गृह और इसी संस्था की ओर से रजला में संचालित वृद्धाश्रम को सील कर दिया था। इस मामले में आठ लोगों को जेल भेजा गया। मामले की जांच एसआईटी और फिर सीबीआई ने की।
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दो माह पहले गिरिजा त्रिपाठी जमानत पर रिहा हो गईं। पिछले दिनों उन्होंने डीएम से शिकायत की थी कि रजला स्थित वृद्धाश्रम का ताला तोड़कर चोरी हो गया है। डीएम अमित किशोर ने चार सदस्यीय टीम से इसकी जांच कराई तो मामला सही पाया गया। मजिस्ट्रेट का सील किया गया ताला तोड़कर कागजात इधर-उधर फेंके गए हैं। हालांकि चोरी की बात स्पष्ट नहीं हो पाई। बुधवार को समाज कल्याण अधिकारी रामपाल यादव ने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। हालांकि तहरीर में कुछ त्रुटि होने के नाते सुधार के लिए लौटा दिया गया। एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गिरिजा त्रिपाठी ने वृद्धाश्रम की जमीन पर कब्जा करने की भी बात कही है।
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डीएम-एसपी को गंवानी पड़ी थी कुर्सी
देवरिया। बालिका गृह कांड ने जिला ही नहीं अपितु प्रदेश को झकझोर दिया था। इस कांड में तत्कालीन डीएम और एसपी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। पहले एसआईटी जांच हुई। बाद में मामला सीबीआई के पास चला गया।
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