- तटबंधों की ओर बढ़ रहा पानी, भवन टोला में नदी का दबाव, रेगुलेटर में रिसाव से गुलहा ताल भी भरने लगा
भाटपार रानी। छोटी गंडक नदी और खनुवा नाले के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तटबंध और नदी के बीच खेतों में पानी भरने से 100 एकड़ से अधिक फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों की ओर बढ़ रहा है, जबकि भवन टोला में नदी का दबाव बना हुआ है।
छोटी गंडक के पानी में वृद्धि से बनकटा शंभू-मालीबारी, बड़का गांव-दुबे तटबंध, भवन टोला-बनकटा मिश्र-जिरासो तटबंध, मदनचक-चनुकी, उसका-दिस्तौली-करमुआ और करमुआ-खरवनिया तटबंध की ओर बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। भवन टोला तटबंध पर नदी का दबाव देखते हुए कटान रोकने के इंतजाम किए गए हैं।
तटबंध और नदी के बीच स्थित खेतों में अरहर, मक्का और बाजरा की फसल डूबने लगी है। खैराट, बनकटा शंभू, मालीबारी, सवरेजी, जिरासो और बेदवलिया के किसानों की 100 एकड़ से अधिक उपज प्रभावित होने की आशंका है। दिस्तौली, उसका और करमुवा के पास नदी कटान कर रही है। राजस्व ग्राम उसका के समीप चनुकी-सोहगरा मार्ग तक पानी पहुंच गया है। एसडीएम दीपराज सिंह ने बताया कि नदी और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। निगरानी के लिए राजस्व टीम को तैनात किया गया है।
रेगुलेटर में रिसाव, गुलहा ताल में बढ़ा पानी
खनुवा नाले पर सरया-धरमखोर-करन केहुनिया तटबंध पर भी बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है। धरमखोर करन के पास जर्जर रेगुलेटर में रिसाव होने से नजदीकी गुलहा ताल में पानी भरने लगा है। इससे आसपास के किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसान सुधीर सिंह, लालचंद राजभर, महेश प्रसाद, रामनरेश और प्रीतम ने रेगुलेटर के रिसाव को तत्काल बंद कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते पानी का रिसाव नहीं रोका गया तो आसपास की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।