भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पोखरा में डुबकी लगा रहे युवक
भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए नजीर है यह पोखरा
देवरिया। इस भीषण गर्मी में भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों के पोखरों में जहां धूल उड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बनकटा ब्लाॅक के पिपरा उत्तर पट्टी ग्राम पंचायत अंतर्गत छपिया बघेल स्थित पोखरा पानी से लबालब भरा हुआ है। यह पोखरा ग्रामीणों सहित पशु-पक्षियों के मन को भी लुभा रहा है। बेइंतहां गर्मी से निजात पाने के लिए कई गांवों के युवक पोखरे में डुबकी लगा रहे हैं।अन्य गांवों के लिए यह पोखरा बेहतरीन नजीर है।
बता दें कि जिले के प्रत्येक गांवों में मनरेगा के तहत जल संरक्षण के मकसद से पोखरे की खुदाई की गई है। इन पोखरों की खुदाई व सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। सूबे की वर्तमान भाजपा सरकार इन पोखरों की साज-सज्जा व सुंदरीकरण पर विशेष जोर दे रही है। योगी सरकार द्वारा इन पोखरों को अमृत सरोवर का नाम दिया गया है। इन पर भारी-भरकम धनराशि खर्च किए जाने के बाद भी एक-आध पोखरों को छोड़कर बाकी पोखरों में धूल उड़ता हुआ दिख रहा है। अधिकांश अमृत सरोवरों में एक बूंद भी अमृत नहीं है। यहां प्यास की शिद्दत से लड़खड़ाते हुए परिंदे एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इन पोखरों के माध्यम से सरकार की जल संरक्षण योजना को आघात लग रहा है। बिना पानी के ये पोखरे बेमतलब साबित हो रहे हैं। वहीं इसके विपरीत बनकटा ब्लाॅक के पिपरा उत्तर पट्टी ग्राम पंचायत अंतर्गत स्थित छपिया बघेल व पिपरा बघेल के पोखरे ग्रामीणों सहित पशु-पक्षियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। ग्राम प्रधान संगीता कुशवाहा व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व समाजसेवी परमहंस कुशवाहा के प्रयास से ये पोखरे पानी से सराबोर हैं। इन दोनों पोखरों में प्रत्येक दिन बोरिंग से पानी चलाया जाता है। तकरीबन 150 मीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा छपिया बघेल का पोखरा पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता, साज-सज्जा व सुंदर परिवेश के कारण आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।इस पोखरा में भरपूर मात्रा में पानी, खूबसूरत सीढियां,आसपास पेड़ों की छाया ने वाकई इसे अमृत सरोवर बना दिया है।इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए इस गांव सहित आसपास के गांवों के युवक इस पोखरे में तैराकी का आनंद ले रहे हैं। वहीं यह पोखरा बेजुबान जानवरों व परिंदों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। पूरे क्षेत्र में इसकी खूब चर्चा हो रही है। इस बाबत ग्राम प्रधान प्रतिनिधि परमहंस कुशवाहा ने बताया कि मेरे ग्राम पंचायत में दो पोखरे हैं। दोनों पूर्ण रूप से पानी से भरे हुए हैं। प्रत्येक दिन इन पोखरों में पानी चलाया जाता है। शीघ्र ही इन पोखरों पर उच्च क्षमता वाले प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी, ताकि रात में भी इसकी खूबसूरती बरकरार रहे। इसके अलावा इन दोनों पोखरे के किनारे सेल्फी प्वाइंट बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है।