संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धंधेबाजोंं ने नवरात्र में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट करना शुरू कर दिया है। इससे व्रत खंडित तो हो ही रहा है। साथ ही, अल्सर, पाइल्स, कैंसर और लीवर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा बना रहता है।
जनपद स्तर पर बाजार में नवरात्र के दौरान करीब 50 करोड़ के सामानों की बिक्री होती है। पिछले नवरात्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 50 नमूने लिए थे। इनमें से 25 नमूने फेल पाए गए थे। फेल नमूनों में मूंगफली, किशमिश, फाफड़ और कुट्टू का आटा आदि के नमूने शामिल हैं।
मिलावट का खेल सबसे ज्यादा सिंघाड़े और कुटटू के आटे में किया जा रहा है। सावधानी न बरतने पर पैकिंग वाले अन्य फलाहार भी व्रतियों के सेहत को बिगाड़ सकते हैं। क्योंकि धंधेबाज पुरानी पैकिंग से निकालकर इसे नया रूप दे देते है।
नवरात्र में उपासक सबसे ज्यादा सिंघाड़े और कुटटू का आटा खरीदते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नकली साबूदाना बनाने में सोडियम हाइपोक्लोराइट, कैल्शियम सल्फ्यूरिक एसिड, हाइपोक्स्लोराइट, ब्लीचिंग और फॉस्फोरिक एसिड जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है।