संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यदि आप बिरयानी के शौकीन हैं और सड़क पर कहीं भी इसे खाने के लिए तैयार हो जाते हैं तो सावधान हो जाइए। शहर में बिक रही बिरयानी में रंगों का इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक है।
शहर में 50 से अधिक बिरयानी की दुकानों पर कलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाद्य विभाग समय-समय पर इसकी पुष्टि भी करता है। डॉक्टरों के मुताबिक, रंगों का इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक है। ऐसे में खानपान में सतर्क रहने की जरूरत है। बिरयानी को रंगीन बनाने के लिए नारंगी एवं पीले रंग का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
शहर में सुभाष चौक, रेलवे स्टेशन रोड, बस स्टैंड भटवलिया, राघव नगर रोड, सीसी रोड समेत अन्य स्थानों पर बिरयानी की दुकानें सजतीं हैं। इसके अलावा जिले के तहसीलों में भी छोटे रेस्टोरेंटों और ठेले वालो की भरमार है। इनका हॉफ प्लेट बिरयानी 60 से 70 रुपये में होता है। सस्ता और रंगीन बिरयानी देख शौकीन इनकी तरफ खींचे चले आते हैं। चिकन को यह मैग्नेट कर रखते हैं। फिर तेल में चिकन के पीस को फ्राई कर रंगीन बिरयानी के साथ परोसते हैं।
सुबह से ताले गए रिफाइंड को यह शाम तक इस्तेमाल करते हैं। दूसरी तरफ ठेलों और दुकानों के आसपास गंदगी पसरी रहती है। भटवलिया स्थित एक बिरयानी की दुकान पर चारों तरफ गंदगी फैली थी। स्टेशन रोड पर भी दुकानों के आसपास गंदगी देखने को मिली।
सहायक आयुक्त खाद्य विनय कुमार सहाय ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। खाद्य कलर मिलाने का मानक है। यदि उससे अधिक मात्रा से कोई भी खाद्य पदार्थ बनाया जाता है तो यह गलत है।