देवरिया। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 450 लोगों से 2.30 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस अभी कंपनी की वैधता तक का पता नहीं लगा सकी है। यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस कंपनी करीब एक साल से देवरिया में सक्रिय थी।
कंपनी के पास विदेश में नौकरी दिलाने का लाइसेंस था या नहीं, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। अब कंपनी के पंजीकरण से लेकर विदेश में नौकरी दिलाने के दावों और रकम के लेनदेन तक की जांच की जा रही है।
उधर आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी किसके नाम पर पंजीकृत थी और विदेश में नौकरी दिलाने के लिए किन कंपनियों से उसका संपर्क था।
पीड़ितों को नियुक्ति पत्र या वीजा दिए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके अलावा लोगों से वसूली गई रकम किन बैंक खातों में जमा हुई और उसका इस्तेमाल कहां हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, इन बिंदुओं पर पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है।
शहर के सीसी रोड स्थित त्रिपाठी कॉम्प्लेक्स में संचालित यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस ने इंडोनेशिया और सिंगापुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से रुपये लिए थे।
तरकुलवा थाना क्षेत्र के हरपुर निजाम निवासी राजू पटेल की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने कंपनी के मुख्य कर्मचारी आशीष कुमार, मकान मालिक गजानंद त्रिपाठी और गायत्री डायग्नोसिस सेंटर के कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की है।
सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर शशि भूषण राय ने बताया कि यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस कंपनी करीब एक साल से यहां सक्रिय थी। कंपनी के पास विदेश में नौकरी दिलाने का लाइसेंस था या नहीं, इसकी जानकारी की जा रही है। पंजीकरण, दस्तावेज और रकम के लेनदेन सहित विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।