संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीबाजार, बखरा। गौरीबाजार कस्बे में काम करने वाली चिटफंड कंपनी आस्था लाइफ रियलिटीज लिमिटेड के जालसाजी के शिकार निवेशकों को राहत नहीं मिल पा रही है। पीड़ित 10 दिन पहले ही पुलिस को तहरीर दे चुके हैं, मगर पुलिसिया कार्रवाई सिर्फ जांच तक सिमटी हुई है। इस मामले में अब तक केस भी दर्ज नहीं किया गया। गौरीबाजार कस्बे में चिटफंड कंपनी आस्था लाइफ रियलटीज लिमिटेड पिछले 14 वर्षों से काम कर रही थी। कंपनी लोगों को 6 साल में निवेशित रकम दोगुना करने का लालच दे रही थी। कंपनी के इस झांसे में कस्बे के तमाम लोग आ गए। 6 वर्षों में दोगुना लाभ पाने के चक्कर में अपनी जमा पूंजी भी गंवा बैठे। अब निवेशकों की आंखों में इसका दर्द समाया हुआ है। पीड़ितों द्वारा तहरीर देने के एक पखवाड़े बाद भी पुलिस द्वारा चिटफंड कंपनी संचालक पर केस दर्ज करने तथा उसकी गिरफ्तारी में हीलाहवाली से परेशान निवेशक पुलिस से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का चक्कर लगा रहे हैं।
लबकनी गांव के राम समुझ यादव, गौरी बाजार कस्बे के गोलघर निवासी सबजान अली, पथरहट गांव के सदानंद उर्फ कर्नल, शिव नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार आदि का कहना है कि चिटफंड कंपनी के संचालक ग्राम कालाबन निवासी इंद्रासन यादव द्वारा बेहतर रिटर्न देने के झांसे में आकर सैकड़ों निवेशकों ने अपना पैसा कंपनी में जमा कराया था। जब निवेशकों ने भुगतान के लिए संचालक पर दबाव बनाया तो उसने हीलाहवाली शुरू कर दी।
बाद में निवेशकों के दबाव में आकर उसने 25 अगस्त को अपना मकान बेचकर निवेशकों के भुगतान का आश्वासन दिया और निवेशकों से सारे कागजात तथा बांड जमा करा लिए। इसके 11 दिन पहले ही 14 अगस्त को उसने गौरीबाजार के चिलौना गांव निवासी पूजा यादव पत्नी राहुल यादव के हाथों 73 लाख रुपए में अपना मकान बेच दिया और वह भाग गया।
भुगतान के लिए निवेशक जब उसके आवास पर पहुंचे तो अवाक रह गए। उसके मकान के दरवाजे पर ताला लटक रहा था। इनमें से चार दर्जन से अधिक निवेशकों ने संचालक पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, जालसाजी एवं गबन का आरोप लगाते हुए एसआई राघवेंद्र सिंह को तहरीर दी।
पुलिस द्वारा मामले की जांच में शिथिलता बरते जाने पर निवेशकों ने देवरिया सदर के विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी से मिलकर इसकी पूरी जानकारी दी। विधायक ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
एसआई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गौरीबाजार की चिटफंड कंपनी का रजिस्ट्रेशन कानपुर की एक संस्था आरओसी से कराया गया है। संस्था से पूरी जानकारी मांगी गई है। प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि चिटफंड कंपनी द्वारा, निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की तहरीर मिली है।