सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक चिकित्सक, वार्ड ब्वॉय और फार्मासिस्ट को उपभोक्ता फोरम न्यायालय में तलब किया गया है। इन पर आपातकालीन चिकित्सा में लापरवाही से मरीज की जान लेने का आरोप है। दावा करने वाले ने चिकित्सक और कर्मचारियों से पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है।
न्यायालय उपभोक्ता फोरम देवरिया ने सीएचसी के चिकित्सक डॉ सत्येंद्र कुमार राव, फार्मासिस्ट बलराम गुप्ता और वार्ड ब्वॉय विनोद पाल को पांच जुलाई को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। एकौना थाना क्षेत्र के पचलड़ी गांव के रहने वाले स्वामी किशन लाल ने जिला उपभोक्ता फोरम देवरिया में वाद प्रस्तुत कर बताया कि उनकी मॉ सुरसती देवी की सीएचसी पर इलाज नहीं होने से मौत हो गई। पांच सितंबर 2015 की रात करीब नौ बजे उनकी मॉ की तबीयत बिगड़ी तो वह लेकर सीएचसी रुद्रपुर पहुंचे। वहा इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उनका ठीक से इलाज नहीं किया।
दावा दाखिल करने वाले ने बताया कि उनकी मॉ के पेट में दर्ज था। चिकित्सक ने कोई प्राथमिक उपचार दिए बिना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वह उपचार करने को गिड़गिड़ाते रहे। मरीज और तीमारदार के साथ चिकित्सक, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय ने बदसलूकी की। इस दौरान उन्हें रात में जिला अस्पताल जाने को एंबुलेंस भी मुहैया नहीं कराई गई। आधी रात को वह निजी साधन से मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मरीज की रास्ते में इलाज के अभाव में मौत हो जाना बताया। दावाकर्ता ने मौत का कारण चिकित्सकों का प्राथमिक उपचार नहीं करना बताया है। उन्होंने पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है। मामले में उपभोक्ता फोरम की जज की ओर से तीनों को नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने को पांच जुलाई को तलब किया गया है।