देवरिया। पशु तस्करों ने एक बार फिर अपना पुराना रास्ता अपनाते हुए गोरखपुर-देवरिया फोरलेन मार्ग से तस्करी शुरू कर दी है।
पिछले साल गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में हुए बवाल और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई के बाद इस फोरलेन से पशु तस्करी पर काफी हद तक लगाम लग गई थी, लेकिन कुछ महीनों की शांति के बाद तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं।
तस्करों ने कपरवार-बरहज मार्ग को छोड़कर गोरखपुर के रास्ते फोरलेन का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जिससे पुलिस की चिंता बढ़ गई है। शहर के कुर्ना नाला के पास हुई हालिया मुठभेड़ ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि तस्कर अब फिर से हाईवे और फोरलेन को सुरक्षित मानने लगे हैं। बताया जा रहा है कि तस्कर रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों के जरिए पशुओं को एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचा रहे हैं।
फोरलेन पर वाहनों की अधिक आवाजाही और तेज रफ्तार का फायदा उठाकर वे पुलिस की निगाहों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले वर्ष पिपराइच में पशु तस्करों ने एक युवक की हत्या कर दी थी। इसको लेकर अगले दिन ग्रामीणों ने बवाल कर दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए थे। इसके बाद पूरे मंडल में गोरखपुर-देवरिया फोरलेन मार्ग पर भी सख्ती बढ़ा दी गई थी। इसके चलते तस्करों ने कपरवार–बरहज मार्ग समेत ग्रामीण और लिंक सड़कों का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। लेकिन हाल के दिनों में पुलिस की सक्रियता उन मार्गों पर बढ़ने के बाद तस्करों ने फिर से गोरखपुर की ओर जाने वाले फोरलेन को चुना है।