सेल्हरापुर में सैयद यासीन शाह की दरगाह पर चादरपोशी के दौरान उपस्थित जायरीन
खुखुंदू। क्षेत्र के सेल्हरापुर में सैयद यासीन शाह की दरगाह पर 44वें सालाना उर्स में तीसरे दिन बुधवार को गुस्ल (स्नान) का कार्यक्रम हुआ। इत्र और गुलाब जल से गुस्ल कराकर फिर संदल का लेप लगाकर चादरपोशी की रस्म अदा की गई।
दरगाह प्रमुख और मुरीदों ने बाबा की दरगाह पर नई चादर पेश की। दूर-दराज से पहुंचे जायरीन भी दिनभर मन्नत की चादर चढ़ाते रहे। इस दौरान दरगाह पर भीड़ उमड़ी थी। सेल्हरापुर में प्रसिद्ध सूफी संत सैय्यद यासीन शाह की दरगाह पर सोमवार को दरगाह प्रमुख सैय्यद शकील अहमद शाह, मेंहदी हसन शाह और सैय्यद नूर हसन शाह मुरीदों के साथ मिलकर बाबा के दरगाह पर चादर पेश की। इसके बाद दिल्ली के ओखला, मुंबई, एटा, अलीगढ़, पटना, सिवान, गोपालगंज, कानपुर, झांसी, लखनऊ, गोरखपुर, खलीलाबाद से पहुंचे जायरीनों ने दरगाह पर मन्नतों की चादर चढ़ाई। दिनभर चादर पोशी की रस्म चलती रही। संवाद