देवरिया में बनेगी सेंट्रल जेल, भूमि तलाश शुरू
पूर्वांचल में सिर्फ वाराणसी में है सेंट्रल जेल, 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता
विनोद कुमार तिवारी
देवरिया। सेंट्रल जेल देवरिया में बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि की तलाश प्रशासनिक स्तर से शुरू हो गई है। सब कुछ ठीक रहा तो तकरीबन दो हजार कैदियों की क्षमता की सेंट्रल जेल बनाई जाएगी। प्रदेश में लखनऊ के आदर्श कारागार को लेकर सिर्फ छह सेंट्रल जेलें हैं। पूर्वांचल में वाराणसी को छोड़कर किसी भी जिले में सेंट्रल जेल नहीं हैं। जबकि कैदियों की क्षमता अधिक है। ऐसा प्रस्ताव सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंट्रल जेल बनाए जाने के प्रस्ताव की मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद भूमि की तलाश शुरू हो गई है।
प्रदेश में तकरीबन 26 हजार कैदी (सिद्धदोष बंदी) हैं। पूर्वांचल में सिर्फ वाराणसी में सेंट्रल जेल है। जबकि आगरा, नैनी, बरेली, फतेहगढ़, वाराणसी, आदर्श कारागार लखनऊ को मिलाकर तकरीबन 8350 कैदी (सिद्धदोष) बंद हैं। गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, देवीपाटन मंडल में कोई सेंट्रल जेल नहीं है। देवरिया, कुशीनगर के 150 से अधिक कैदी (सिद्धदोष) वाराणसी की जेल में बंद हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। जेल मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में सेंट्रल जेल प्रदेश के चार मंडलों में बनाए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर मंडल के देवरिया में सेंट्रल जेल बनाने जाने के प्रस्ताव की मंजूरी पर सहमति जता दी। इसके बाद गोरखपुर परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक कारागार के निर्देश पर प्रपोजल तैयार कर डीएम को भूमि के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
ये जिले हो सकते हैं शामिल
देवरिया में सेंट्रल जेल बनाए जाने के बाद देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, बलिया, मऊ, बस्ती, सिद्धार्थनगर आदि जिलों के कैदियों (सिद्धदोष बंदियों) को रखा जाएगा। देवरिया के लिए यह एक बड़ी सौगात होंगी। सड़क मार्ग पर सेंट्रल जेल खुलने से उस इलाके का न केवल विकास होगा बल्कि सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
कोट
देवरिया में सेंट्रल जेल बनाए जाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए 100 एकड़ जमीन की तलाश शुरू हो गई है। जमीन मिलने के बाद शासन को बजट के लिए डिमांड भेजी जाएगी।
-अमित किशोर, डीएम देवरिया।