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Deoria News: सीसीटीवी बनी पुलिस की तीसरी आंख, फुटेज ने अपराधियों तक पहुंचाया

Wed, 26 Aug 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जिले में सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम के साथ अपराधियों की पहचान में पुलिस के लिए मजबूत हथियार साबित हो रहे हैं। चोरी, मारपीट और छेड़खानी जैसी कई घटनाओं में आरोपी वारदात के बाद निकल तो गए, लेकिन कैमरों में रिकार्ड हुई उनकी गतिविधियों ने पुलिस को उन तक पहुंचा दिया।
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हाल के वर्षों के कई मामलों में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर संदिग्धों की पहचान की और गिरफ्तारी की। कुछ मामलों में स्थानीय लोगों को फुटेज दिखाकर आरोपियों की पहचान कराई गई तो कहीं कैमरे में कैद चेहरे और गतिविधियों को दूसरे साक्ष्यों से जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

अप्रैल में सलेमपुर की एक सराफा दुकान में दिनदहाड़े चोरी का प्रयास इसका ताजा उदाहरण है। दुकान संचालक पानी लेने गया था। इसी बीच एक युवक दुकान के भीतर पहुंचा और सामान तलाशने लगा। तिजोरी बंद होने से वह चोरी नहीं कर सका, लेकिन उसकी पूरी गतिविधि दुकान के सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई। दुकानदार के लौटने के बाद सामान अस्त-व्यस्त मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दुकान और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से संदिग्ध की पहचान हुई और पुलिस ने अगले दिन नवलपुर चौराहे के पास से आरोपी महताब को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।
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चेरो चौराहे पर स्थित ग्राहक सेवा केंद्र में हुई नकदी चोरी में भी कैमरे ने पुलिस का काम आसान किया। फरवरी 2025 में सामने आए मामले में ग्राहक सेवा केंद्र से दिनदहाड़े 18 हजार रुपये गायब हुए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो एक व्यक्ति रुपये निकालते दिखाई दिया। फुटेज के जरिए उसकी पहचान शमशेर सिंह निवासी बरठा बाबू, थाना मईल के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे ठोकावंशी के पास से गिरफ्तार किया और चोरी की रकम भी बरामद की। ऐसे ही तमाम मामले बीते ढाई साल के दौरान जिले में प्रकाश में आ चुके हैं।

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इन केस में रही सीसीटीवी की महत्वपूर्ण भूमिका

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केस-01

जून में भुजौली कॉलोनी में ज्ञान प्रकाश के बंद मकान में चोरी करने वाले युवक सीसीटीवी में रिकार्ड हो गए थे। पुलिस ने फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान की। बाद में एसओजी और कोतवाली पुलिस ने संदीप गुप्ता उर्फ बुलबुल, अंकित गुप्ता और अंकित की मां पूनम गुप्ता को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के मुताबिक फुटेज से संदीप और अंकित की पहचान हुई थी।
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केस-02
फरवरी 2025 में चेरो चौराहा सलेमपुर में ग्राहक सेवा केंद्र से दिनदहाड़े 18 हजार रुपये चोरी हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और शमशेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। चोरी के रुपये भी बरामद किए गए।



केस-03
अक्तूबर 2024 में नगर में बाइक सवार युवकों द्वारा छात्राओं से छेड़खानी का मामला सीसीटीवी में रिकार्ड हुआ था। दो आरोपियों ऋतिक यादव और धीरज पटेल को पहले पकड़ा गया। फरार तीसरे आरोपी, जो नाबालिग और 11वीं का छात्र था, की भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान और गिरफ्तारी हुई।

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केस-04
अक्तूबर 2024 को डिघवा पौटवा, रामपुर कारखाना क्षेत्र में घर के बरामदे में सो रहे अशोक सिंह पर नशीला पदार्थ स्प्रे कर बेहोश करने के बाद घर से छह लाख रुपये से अधिक का सामान चोरी हुआ था। तीन चोर सीसीटीवी में रिकार्ड हुए। पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़कर फुटेज में दिखाई दे रहे चोरों से मिलान कराया और पहचान की पुष्टि होने के बाद दोनों को जेल भेजा। आरोपियों की पहचान मिठाई नट और मुन्ना उर्फ नईम के रूप में बताई गई।

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कोट
सीसीटीवी अपराधियों तक पहुंचने में काफी कारगर साबित हो रहा है। कई केसों के खुलासे में पुलिस को सीसीटीवी से काफी मद्द मिली है। आधुनिक समय में सीसीटीवी सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। सक्षम नागरिकों से मेरी अपील है कि वह अपने घर व प्रतिष्ठान पर सीसीटीवी लगवाएं ताकि अपराध रोकने में मद्द मिल सके।
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संजय कुमार रेड्डी, सीओ सदर।
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