चार दिनों से आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगी थी सीबीआई के एसीबी टीम
सलेमपुर। रेलवे के ट्रैक मैन से 12 अप्रैल की मिली शिकायत के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम लगातार चार दिनों से सीनियर सेक्शन इंजीनियर की हर गतिविधि पर नजर रखी हुईं थी। लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। आरोपी इंजीनियर की करतूतों की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई अधिकारियों ने सलेमपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर इसकी जांच-पड़ताल की थी। यही नहीं सीबीआई अधिकारियों ने पीड़ित रेलकर्मी और सीनियर सेक्शन इंजीनियर के बीच हुई बातचीत को भी दूर से कैमरे में रिकॉर्ड कर सबूत जुटाए थे।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने रिश्वत को प्रक्रिया का हिस्सा बताया
बुलंदशहर के रहने वाले चंद्रवीर सिंह की ढाई वर्ष पूर्व ट्रैकमैन पद पर सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर तैनाती हुई। तभी से वह अपने जिले के आसपास जाने को प्रयासरत था। 3 अप्रैल को जब उसका स्थानांतरण मुरादाबाद डिवीजन में हुआ तो वह बहुत खुश हुआ। लेकिन सीनियर सेक्शन इंजीनियर के 50 हजार रुपये मांगने से उसका मनोबल गिर गया। पहले तो वह छोटा कर्मचारी होने और अन्य समस्याओं से आरोपी अफसर को अवगत कराया। लेकिन सेक्शन इंजीनियर की कठोरता और रिश्वत को प्रक्रिया का हिस्सा बताने पर वह हैरत में पड़ गया। इससे झल्लाए रेल कर्मी ने इसकी सीबीआई से शिकायत करने को मन बनाया।
इंटरनेट पर मिला सीबीआई का नंबर
चंद्रवीर सिंह ने इंटरनेट पर सर्च किया जहां से उसे सीबीआई लखनऊ का नंबर मिला। 12 अप्रैल को उसने फोन कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने पीड़ित से पूरी डिटेल लेने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। उसके सुबह ही सीबीआई गोपनीय ढंग से सलेमपुर पहुंच गई। यहां शिकायतकर्ता से संपर्क करने के बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पास भेजा। ट्रैकमैन काफी देर तक इंजीनियर से बातचीत करता रहा। इसकी पूरी रिकार्डिंग सीबीआई अधिकारियों दी।
कार्रवाई से रेलवे कर्मियों में मची अफरातफरी
सीबीआई के इस पूरे ऑपरेशन से बेफिक्र कर्मचारियों-अधिकारियों में तब अफरातफरी मच गई जब अधिकारियों ने अपना परिचय दिया। हालांकि, जबतक लोगों को पूरी बात समझ मे आती तब तक सीबीआई की टीम आरोपी सेंक्शन इंजीनियर को उसके आवास में बंद कर दिया। बृहस्पतिवार को केस दर्ज होने के पूर्व तक आरोपी से पूछताछ होती रही।
बृहस्पतिवार सुबह होनी थी पार्टी
सीबीआई के अंडर कवर एजेंट बन चुके ट्रैकमैन चंद्रवीर सिंह बुधवार को जब सेक्शन इंजीनियर के कार्यालय में पहुंचे तो सीबीआई के लोग भी वहां मौजुद थे। कैमिकल लगे कुल 40 नोट को हाथ लेने के बाद सेक्शन इंजीनियर ने रुपये को तकिए के नीचे रखने के लिए कहा। चर्चा है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर के कार्यालय में बृहस्पतिवार की शाम इन रुपयों से पार्टी होने वाली थी। हालांकि इसके पहले ही सीबीआई की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर क्षेत्र में खलबली मचा दी।
छह वर्ष से सलेमपुर में तैनात था आरोपित सीनियर सेक्शन इंजीनियर
गोरखपुर के बुद्धनगर के रहने वाले आरोपित सीनियर सेक्शन इंजीनियर संजय कुमार वर्ष 2018 से सीनियर सेक्शन इंजीनियर पूर्वोत्तर रेलवे कार्यालय पर तैनात था। यहां आने के बाद वह चर्चा में आ गया। पैसा की मांग करने के मामले में कई बार विवाद भी हुआ था। वह सीवान रेलवे स्टेशन से स्थानांतरण होकर सलेमपुर आया थे। लगातार छह वर्ष तक एक ही कार्यालय में तैनात रहने के चलते उसकी पैठ स्थानीय स्तर पर भी बन गई थी। वह कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी करने लगा। बताया जाता है कि डेढ़ वर्ष पहले पैसे लेकर उसने एक कर्मचारी को सस्पेंड भी कर दिया था। इनके व्यवहार को लेकर कर्मचारियों में काफी नाराजगी थी।