सलेमपुर। बेटी की इलाज के लिए बैंक से रकम नहीं मिला तो मोहल्ले वालों ने सड़क जाम कर दिया। एक घंटे बाद पहुंची कोतवाली पुलिस ने बैंक मैनेजर से बात कर महिला को एक हजार रुपये दिलवाया। लोगों ने आर्थिक सहयोग किया। इसके बाद जाम खत्म हुआ। करीब डेढ़ घंटे तक मैरवा-सलेमपुर मार्ग पर आवागमन ठप रहा।
नोट बंदी के बाद लोगों की बढ़ी दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। मझौलीराज नगर के वार्ड-6 की रहने वाली मैना देवी का पूर्वांचल बैंक मझौलीराज में अकाउंट है। 18 वर्षीय बेटी ज्योति की दस दिन पूर्व तबीयत खराब हो गई। रकम नहीं होने के कारण उसने ब्याज पर रकम लेकर सलेमपुर के एक निजी अस्पताल पर इलाज कराई लेकिन आराम नहीं मिला।
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तीन दिन से बेटी की इलाज के लिए महिला पूर्वांचल बैंक में रकम के लिए जा रही थी। बैंक वाले कैश की कमी बताकर उसे लौटा दे रहे थे। शनिवार को मैना देवी मोहल्ले के लोगों के साथ बैंक पहुंची। लेकिन बैंक वालों ने कैश नहीं होने की बात कही। इस महिलाएं उग्र हो गई और बैंक के सामने 10.30 बजे सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगी। सूचना पर एसआई शशिकांत पांडेय पहुंचे और बैंककर्मियों से बात किए। बैंक कर्मियों ने अपनी मजबूरी बताते हुए महिला को एक हजार रुपये दिया।
पुलिस ने समझा बुझाकर 12.30 बजे जाम खत्म कराया। बीमार ज्योति को लेकर इलाज के लिए लोग देवरिया गए। डॉक्टर ने गंभीर हालत बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके पूर्व टेढ़ी मोहल्ले के एक युवती की जान रकम नहीं मिलने के कारण इलाज में देरी होने से जा चुकी है। कोतवाल ने बताया कि बैंक से रुपये नहीं मिलने पर लोगों ने सड़क जाम किया था।